Blogs about: Live Concert

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रिंद जो मुझको समझते हैं2 comments

Amarjeet Singh wrote 1 year ago: रिंद जो मुझको समझते हैं उन्हे होश नहीं मैक़दासाज़ हूं मै मैक़दाबरदोश नहीं पांव उठ सकते नहीं मंज़िल-ए-जान … more →

Tags: Álbums, गज़ल, जगजीत सिहँ, Eternity, Ghazal, Jagjit Singh, Abdul Hameed, Adam, जगजीत सिंह

वस्ल की रात1 comment

Amarjeet Singh wrote 1 year ago: वस्ल की रात तो राहत से बसर होने दो शाम से ही है ये धमकी के सहर होने दो जिसने ये दर्द दिया है वो दवा … more →

Tags: Álbums, गज़ल, जगजीत सिहँ, Eternity, Ghazal, Jagjit Singh, जगजीत सिंह, दर्द-ए-जिगर, दुश्मन

हर गोशा गुलिस्तां था

Amarjeet Singh wrote 1 year ago: हर गोशा गुलिस्तां था कल रात जहां मै था एक जश्न-ए-बहारां था कल रात जहां मै था नग़्मे थे हवाओं में जादू … more →

Tags: Álbums, गज़ल, जगजीत सिहँ, Eternity, Ghazal, Jagjit Singh, कश्ती, गुलिस्तां, दरिया-ए-मोहब्बत

घर से हम निकले थे 1 comment

Amarjeet Singh wrote 1 year ago: घर से हम निकले थे मस्जिद की तरफ़ जाने को रिंद बहका के हमें ले गये मैख़ाने को ये ज़बां चलती है नासेह के … more →

Tags: Álbums, गज़ल, जगजीत सिहँ, Eternity, Ghazal, Jagjit Singh, जगजीत सिंह, लाइव, ग़ज़ल

एक दीवाने को

Amarjeet Singh wrote 1 year ago: एक दीवाने को ये आये हैं समझाने कई पहले मै दीवाना था और अब हैं दीवाने कई मुझको चुप रहना पड़ा बस आप का … more →

Tags: Álbums, गज़ल, जगजीत सिहँ, Eternity, Ghazal, Jagjit Singh, जगजीत सिंह, लाइव, ग़ज़ल

बज़्म-ए-दुश्मन में बुलाते हो2 comments

Amarjeet Singh wrote 1 year ago: बज़्म-ए-दुश्मन में बुलाते हो ये क्या करते हो और फिर आँख चुराते हो ये क्या करते हो बाद मेरे कोई मुझ सा … more →

Tags: Álbums, गज़ल, जगजीत सिहँ, Eternity, Ghazal, Jagjit Singh, जगजीत सिंह, लाइव, ग़ज़ल

जगजीत सिंह की हुई वापसी1 comment

Amarjeet Singh wrote 1 year ago: 28 दिसम्बर 2007 कुछ सप्ताह पहले ग़जल सम्राट जगजीत सिंह अस्पताल में भर्ती थे। उन्हें दिमाग में खून का … more →

Tags: गजल, जगजीत सिंह, Bollywood, Ghazal, ghazal concert, ghazal maestro, Ghazals, jagjit, Jagjit Singh

इब्तदा-ऐ-इश्क है - जसविंदर सिंह1 comment

Amarjeet Singh wrote 1 year ago: … more →

Tags: Jagjit Singh, जगजीत सिंह, Hmv, लाइव कंसर्ट, लाइव, live, album, ग़ज़ल, जसविंदर सिंह

आप को देख कर देखता रह गया1 comment

Amarjeet Singh wrote 1 year ago: आप को देख कर देखता रह गया, क्या कहुँ और कहने को क्या रह गया, आते आते मेरा नाम सा रह गया, उसके होठों … more →

Tags: Jagjit Singh, Ghazal, जगजीत सिहँ, Álbums, गज़ल, Chitra Singh, encore, जगजीत सिंह, live

तेरे कदमो पे सर होगा

Amarjeet Singh wrote 1 year ago: तेरे कदमो पे सर होगा, कजा सर पे खडी होगी, फिर उस सजदे का क्या कहना अनोखी बन्दगी होगी, नसीम-ए-सुबह गु … more →

Tags: Jagjit Singh, Ghazal, जगजीत सिहँ, Álbums, गज़ल, Chitra Singh, encore, जगजीत सिंह, live

मैं नशे मे हुँ2 comments

Amarjeet Singh wrote 1 year ago: ठुकराओ अब के प्यार करो, मैं नशे मे हुँ, जो चाहे मेरे यार करो, मैं नशे मे हुँ, अभी दिला रहा हुँ यकीन- … more →

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मैनु तेरा शबाब ले बैठा1 comment

Amarjeet Singh wrote 1 year ago: मैनु तेरा शबाब ले बैठा, रगं गौरा गुलाब ले बैठा, किन्नी- बीती ते किन्नी बाकी है, मैनु एहो हिसाब ले बै … more →

Tags: Álbums, गज़ल, जगजीत सिहँ, Chitra Singh, encore, Ghazal, Jagjit Singh, जगजीत सिंह, live

इश्क की दास्तान है प्यारे

Amarjeet Singh wrote 1 year ago: इश्क की दास्तान है प्यारे, अपनी अपनी जुबान है प्यारे, हम जमाने से इन्तकाम तो ले, एक हसीं दरम्यान है … more →

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चांद के साथ कई दर्द पुराने निकले

Amarjeet Singh wrote 1 year ago: चांद के साथ कई दर्द पुराने निकले, कितने गम थे जो तेरे गम के बहाने निकले, फ़सल-ए-गुल आई फ़िर एक बार असी … more →

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ज़रा चेहरे से कमली को हटा दो या रसूल-अल्लाह

Amarjeet Singh wrote 1 year ago: ज़रा चेहरे से कमली को हटा दो या रसूल-अल्लाह, हमें भी अपना दीवाना बना दो या रसूल-अल्लाह, मोहब्बत ग़ैर स … more →

Tags: Jagjit Singh, Ghazal, जगजीत सिहँ, Álbums, गज़ल, Live in Trinidad, लाइव इन त्रिनिदाद, Chitra Singh, जगजीत सिंह

तुझे ढ़ूंढ़ता था मैं

Amarjeet Singh wrote 1 year ago: तुझे ढ़ूंढ़ता था मैं चारसूं तेरी शान जल्लेजलाल हूं, तू मिला क़रीब-ए-रग-ए-गुलूं तेरी शान जल्लेजलाल हूं, … more →

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तारीफ़ उस ख़ुदा की जिसने जहां बनाया

Amarjeet Singh wrote 1 year ago: तारीफ़ उस ख़ुदा की जिसने जहां बनाया, कैसी ज़मीं बनाई क्या आसमां बनाया, मिट्टी से बेल फूटे क्या ख़ुशनुमा … more →

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मदीने को जायें ये जी चाहता है

Amarjeet Singh wrote 1 year ago: मदीने को जायें ये जी चाहता है, मुक़द्दर बनायें ये जी चाहता है, मदीने के आका दो आलम के मौला, तेरे पास … more →

Tags: Jagjit Singh, Ghazal, जगजीत सिहँ, Álbums, गज़ल, Live in Trinidad, लाइव इन त्रिनिदाद, Chitra Singh, जगजीत सिंह

दुनिया से दिल लगाकर

Amarjeet Singh wrote 1 year ago: दुनिया से दिल लगाकर दुनिया से क्या मिलेगा, याद-ए-ख़ुदा किये जा तुझ को ख़ुदा मिलेगा, दौलत हो या हुकूमत … more →

Tags: Jagjit Singh, जगजीत सिहँ, Álbums, गज़ल, Live in Trinidad, लाइव इन त्रिनिदाद, Chitra Singh, जगजीत सिंह, live


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