हँस के बोला करो बुलाया करो, आप का घर है आया जाया करो, मुस्कराहट है हुस्न का जेवर, मुस्कुराना न भूल जाया करो, हद से बढ कर हसीन लगते हो, झूठी कस्मे ज़रुर खाया करो,… more →
कुछ पल जगजीत सिंह के नामAmarjeet Singh wrote 2 years ago: हँस के बोला करो बुलाया करो, आप का घर है आया जाया करो, मुस्कराहट है हुस्न का जेवर, मुस्कुराना न भूल ज … more →
Amarjeet Singh wrote 3 years ago: सरकती जाये है रुख़ से नक़ाब आहिस्ता आहिस्ता निकलता आ रहा है आफ़ताब आहिस्ता आहिस्ता (रुख़ : face; नक़ाब … more →
Amarjeet Singh wrote 3 years ago: आए हैं समझाने लोग हैं कितने दीवाने लोग दैर-ओ-हरम में चैन जो मिलता क्यूं जाते मैखाने लोग (दैर-ओ-हरम : … more →
Amarjeet Singh wrote 3 years ago: बहुत पहले से उन क़दमों की आहट जान लेते हैं तुझे ऐ ज़िन्दगी हम दूर से पहचान लेते हैं तबीयत अपनी घबरात … more →