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घर से हम निकले थे
घर से हम निकले थे मस्जिद की तरफ़ जाने को रिंद बहका के हमें ले गये मैख़ाने को ये ज़… more »
कुछ पल जगजीत सिंह के नाम
घर से हम निकले थे
Amarjeet Singh wrote 1 month ago: घर से हम निकले थे मस्जिद की तरफ़ जाने को … more »
एक दीवाने को
Amarjeet Singh wrote 1 month ago: एक दीवाने को ये आये हैं समझाने कई पहले … more »
बज़्म-ए-दुश्मन में बुलाते हो
Amarjeet Singh wrote 1 month ago: बज़्म-ए-दुश्मन में बुलाते हो ये क्या कर … more »
वह सिर्फ़ मेरा है मेरा ही रहेगा
— 2 comments
विनय प्रजापति wrote 1 month ago: वह सिर्फ़ मेरा है मेरा ही रहेगा जिस दिन … more »
दिल ख़ुद ख़ला है
विनय प्रजापति wrote 1 month ago: दिल ख़ुद ख़ला है उसमें दूसरी ख़ला क्या … more »
मोती दो' साथ पिरोना और
विनय प्रजापति wrote 2 months ago: मोती दो’ साथ पिरोना और लड़ना और बिगड … more »
ना जीने को जी करता है
विनय प्रजापति wrote 2 months ago: ना जीने को जी करता है ना मरने … more »
जगजीत सिंह की हुई वापसी
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Amarjeet Singh wrote 4 months ago: 28 दिसम्बर 2007 कुछ सप्ताह पहले ग़जल सम्राट … more »
इब्तदा-ऐ-इश्क है - जसविंदर सिंह
Amarjeet Singh wrote 4 months ago: … more »
आप को देख कर देखता रह गया
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Amarjeet Singh wrote 5 months ago: आप को देख कर देखता रह गया, क्या कहुँ और … more »
तेरे कदमो पे सर होगा
Amarjeet Singh wrote 5 months ago: तेरे कदमो पे सर होगा, कजा सर पे खडी होगी … more »
मैं नशे मे हुँ
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Amarjeet Singh wrote 5 months ago: ठुकराओ अब के प्यार करो, मैं नशे मे हुँ, … more »
मैनु तेरा शबाब ले बैठा
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Amarjeet Singh wrote 5 months ago: मैनु तेरा शबाब ले बैठा, रगं गौरा गुलाब … more »
इश्क की दास्तान है प्यारे
Amarjeet Singh wrote 5 months ago: इश्क की दास्तान है प्यारे, अपनी अपनी ज … more »
चांद के साथ कई दर्द पुराने निकले
Amarjeet Singh wrote 5 months ago: चांद के साथ कई दर्द पुराने निकले, कितन … more »
ज़रा चेहरे से कमली को हटा दो या रसूल-अल्लाह
Amarjeet Singh wrote 5 months ago: ज़रा चेहरे से कमली को हटा दो या रसूल-अल् … more »
तुझे ढ़ूंढ़ता था मैं
Amarjeet Singh wrote 5 months ago: तुझे ढ़ूंढ़ता था मैं चारसूं तेरी शान जल् … more »
तारीफ़ उस ख़ुदा की जिसने जहां बनाया
Amarjeet Singh wrote 5 months ago: तारीफ़ उस ख़ुदा की जिसने जहां बनाया, कैस … more »
मदीने को जायें ये जी चाहता है
Amarjeet Singh wrote 5 months ago: मदीने को जायें ये जी चाहता है, मुक़द्दर … more »
