आयो होली को त्योहार बिखरी फागुन की बहार मनवा झूमे हमार चढ़ता मस्ती का खुमार ढोल मंजीरे ढ़म ढ़म पैंजनियों की छम छम पाव खुदई लेत थिरकन नब्ज़ नब्ज़ बढ़े धड़कन होली होय हर आँगना मा शोर उमड़ा ज… more →
mehekmehhekk wrote 1 year ago: आयो होली को त्योहार बिखरी फागुन की बहार मनवा झूमे हमार चढ़ता मस्ती का खुमार ढोल मंजीरे ढ़म ढ़ … more →