ज़ियाँ दिल का किया जो तुमसे लगाया तो पल-पल सीने में धड़कता क्या है? तेरी आरज़ू म… more →
तख़लीक़-ए-नज़रविनय wrote 6 months ago: ज़ियाँ दिल का किया जो तुमसे लगाया तो पल- … more →
विनय wrote 9 months ago: राहें क्या-क्या न आयेंगी इस दौरे-बदनाम … more →
विनय wrote 9 months ago: और कैसे रक़ीब के यार हमसे पेश आते वह हमस … more →