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आज की हस्ती : अदा शर्मा
Ankjyotish369's Blog

जय श्री राम …………| आदरणीय मित्रो, यह है 14 मई की बात का दूसरा भाग| अदा शर्मा (अभिनेत्री) जन्म-दिनांक:-14-05-1987 मूलांक:-5 भाग्यांक:-8 आयु अंक:-9 (27 वाँ वर्ष) नामांक:-9 # फ़िल्म सफल रह सकती है| # सोलो स्टारर फ़िल्म का सफलता का प्रतिशत कम रह सकता है| # मल्टी स्टारर फ़िल्म का सफलता का प्रतिशत अधिक रह सकता है| मिलते हैं अगली पोस्ट के साथ| ……… जय श्री राम|

न आओ ख़्वाब मेँ तुम. . . !!
Be Like The Flowing River

न आओ ख़्वाब मेँ तुम यूं के दिल मचल जाए, जरा सी देर करो तो ये दिल संभल जाए।। कभी तो आके मिलो शाम की हक़ीक़त मेँ, तमन्ना देखने की और न तड़प जाए।। नशीली आँखेँ ये बहका रही है मुझको अब, करो जो प्यार की बातेँ तो दिल बहल जाए।। न तोड़ो शाख़ से पत्ते कि दर्द होता है, ग़म-ए-जुदाई मेँ कैसे कोई संभल जाए।। जो बनके आओ तुम मेहमां गरीबखाने मेँ, खुशी जमाने की घर मेँ मेरे ठहर जाए।। कोई न रिश्तोँ की समझे नज़ाकतेँ अब तो, गुमान-ए-ज़र मेँ न जन्नत सा घर उजड़ जाए।। कोई कलाम लिखो दिल से इस तरह “ईश्क़ी” गुमां ‘असद’ का हो हुस्न-ए-’मीर’ भी निकल जाए।। ज़र-धन असद-असदुल्लाह खां ग़ालिब मीर-मीर तकी मीर

I LOVE NEW YEAR की रिलीज : असफल रहेगी
Ankjyotish369's Blog

जय श्री राम …………| आदरणीय मित्रो, यह है इस बार की रिलीज तीसरी फ़िल्म| I LOVE NEW YEAR नामांक:-2 (-) वृहदंक:-47 (-) मूलांक समीकरण:-1-3-7-9 (+) निर्माता BHUSHAN KUMAR : 27-11-1977 मूलांक:-9 (+) भाग्यांक:-8 (-) आयु अंक:-9 (36 वाँ वर्ष) (+) नामांक:-6 (+) वृहदंक:-42 (-) मूलांक समीकरण:-9-6 (+) KISHAN KUMAR नामांक:-5 (-) वृहदंक:-32 (-) मूलांक समीकरण:-8-6 (-) निर्देशक RADHIKA RAO नामांक:-8 (-) वृहदंक:-26 (+) मूलांक समीकरण:-7-1 (-) कलाकार SUNNY DEOL : 19-10-1956 मूलांक:-1 (=) भाग्यांक:-5 (-) आयु अंक:-3 (57 वाँ वर्ष) (+) नामांक:-3 (+) वृहदंक:-39 (+) मूलांक समीकरण:-2-1 (-) KANGNA RANAUT : 23-03-1987 मूलांक:-5 (-) भाग्यांक:-6 (+) आयु अंक:-9 (27 वाँ वर्ष) (+) नामांक:-9 (+) वृहदंक:-36 (+) मूलांक समीकरण:-8-1 (-) SHAAD RANDHAWA नामांक:- () वृहदंक:- () मूलांक समीकरण:- () परिणाम:-असफल रहेगी| मिलते हैं अगली बात लेकर| ………… जय श्री राम|

मेरी दिवानी. . .!!
Be Like The Flowing River

ये बारिश की बूँदेँ, आँखोँ को मूँदे, कहती है कहानी, तू प्रेम दिवानी. . .!! बरखा से फिसले, जब घूमने निकले, मुझतक जो पहुँचे, फिर क्या-क्या सोचे, मेरे अश्क़ोँ को, छिपा ले ये पानी, मैँ तेरा दिवाना, तू मेरी दिवानी. . .!! सावन की रातेँ, करती हैँ बातेँ, मुझसे ये तेरी, तुझसे ये मेरी, तू जब-जब सोचे, मेरे बारे मेँ, मैँ तब-तब देखूँ, तुझको ख़्वाबोँ मेँ, अद्भुत ये कहानी, मीरा सी दिवानी. . .!! प्रातः की शबनम, क़लियोँ की हमदम, मेरी धड़कन मेँ, तू रहती हरदम, अधुरी ये कहानी, बिन तेरे जवानी, मै तेरी रूह हूँ, तू मेरी रवानी, अब पूरी कहानी. . . मैँ प्रेम पिपासा, तू मधु की रानी, मैँ तेरा दिवाना, तू मेरी दिवानी. . .!!

नई सुबह
aasaman ke pankh

सुलगते हुए आसमान में झुलस गए कई राज़, छुपा कर अपने आहोश में हो गए गुमनाम, तारों को भी ना ख़बर हुइ,क्यूँ है रात यूँ चुप चाप, हवा धीमे से आकर बोली कब तक जलोगे ऐ चाँद ! सितारों से अब है बिछड़ना ! होने वाली है अब नई सुबह! PHOTOCREDITwww.bhmpics.com  

दिल में तेरी परछाई होगी…
Manas Khatri 'Mastana': Hasya Hindi-Poet and Writer!

टूटे सपनों की एक दिन भरपाई होगी, तू दूर सही दिल में तेरी परछाई होगी| तेरे लिए जागा हूँ मैं सारी-सारी रात, करवट बदल के तुने भी रात बिताई होगी||

ग़ज़ल
बावरा मन

कैसा हो तसव्वुर तेरा इन लफ़्ज़ों में जो ढल जाए कल शाम तुझे पढ़ लूँ के तू फिर यूँही तडपाये बोलूं इन्हीं अलफ़ाज़ को जो कल तेरी ज़ुल्फ़ बिखर जाए छू लूँ जो ये अवराक तो मेरी जान निकल जाए जो जेब में रख लूँ इन्हें खुशबू तेरी भर जाए और सी लूँ गिरेबान से तो आयत सी नज़र आये जो हबीबों को सुनाऊं तो तेरा नाम सा लहराए और दराजों में छुपाऊं तो धड़कन मेरी बढ़ जाए क्यूँ करता हूँ मैं ये कोशिशें तसनीफ-इ-हुस्न की क्या हो जो अगर जाने जिगर मेरी जान पे बन आये कल शाम के आलम में जो रकीब मेरे घर आये और दे के दिलासा मुझे इस ग़ज़ल को दोहराए

इक मासूम से चेहरे पे मुस्कान ज़िंदगी बच्चे के लिये बलून की दूकान ज़िंदगी
पेशकश

इक मासूम से चेहरे पे मुस्कान ज़िंदगी बच्चे के लिये बलून की दूकान ज़िंदगी . उसने दिल की बात खुल के कभी न की हमने कही जो अपनी, थी हैरान ज़िंदगी. इज़हार-ए-इश्क करना ज़रूरी है मेरी जां- कब तक रखोगी अपनी सुनसान ज़िंदगी . अब आईने के सामने सजना संवरना छोड़ अब और कितने लाओगी तूफ़ान ज़िंदगी ..? जब इश्क़ है तो हुस्न की परवाह मत करो हाफ़िज़ बनेगें हम तेरे ऐ .. मेहमान ज़िंदगी .. जब से मिली हूं मिलने के रस्ते तलाशती तुम मिले तो मिलती है मुस्कान ज़िंदगी .. खुद खाक में मिल जाओ या फ़ाक़ा कशी करो मुश्किल से मिला करती है पहचान – ज़िंदगी !! चाहत की तला तुम में , डूबेगा सफ़ीना उट्ठो करो ग़ैरों पे कु़रबान ज़िंदगी !! इश्क़ प्रीत लव

ये दर्द जो तुमने दे दिया है
स्वार्थ

ये दर्द तुमने जो दे दिया है इसे में उम्र भर ढो तो पाऊं तो देखना क्या कहेगी दुनिया क़यामत तक तो रहेगी दुनिया | मेरे मन को सूना पाकर पहले तुमने डेरा डाला फिर छोड़ा, यों नाता तोड़ डाला टूट गई सपनों की माला| ये शून्य तुमने जो दे दिया है इसी को पूरा जो कर दिखाऊं तो देखना क्या कहेगी दुनिया अंगारों में ही दहेगी दुनिया | देवालय का देव बताकर तुमने ही पत्थर कह डाला जिसको चाहा मधुरित माना उसको ही पतझर कह डाला | यही अगर हो मेरी हकीकत कसम तुम्हारी, जो मान जाऊं तो देखना क्या कहेगी दुनिया अभी तो कल तक रहेगी दुनिया | शायद यह मन का पागलपन जो तुम में ही रमा हुआ है लेकिन इसको ज्ञात नहीं है किसका कब चन्द्रमा हुआ है | ये गीत जो तुमने दे दिया है इसको जन्म-भर यदि  गुनगुनाऊं तो देखना क्या कहेगी दुनिया ये पीर कैसे सहेगी दुनिया | {कृष्ण बिहारी}

Incomplete
realtimepoem

__________Incomplete / अधूरी _________________ कुछ मुस्कान है जो होटो तक आकर रुक जाती है. कुछ आँसू है जो आँखो में ही सूख जाती है . कुछ ख्वाब है जो सपनो में ही दफ़्न हो जाती है . कुछ अरमान है जो हाथो में आकर चूक जाती है. कुछ उलझने है जो उलझनो में ही खो जाती है. कुछ plannings है जो to do list में ही सिमट कर रह जाती है पर हमारी जिंदगी पूरी होकर भी आपके बिना अधूरी है…………

पुराना दोस्त
कोलाहल

बड़े दिनों से बॉलीवुड में वो आता-जाता रहता है रोटी चलती है गानों से फ्रीलांस कमाता रहता है. गेस्ट रोल मिल जाते हैं गुलज़ार से यारी है उसकी. बदली का मौसम ना हो तो एक्टिंग भी प्यारी है उसकी. तेरे मेरे इस लम्हे में वो वक़्त निकाल के आया था लिए आँखों के नीचे काले गड्ढे वोह जबरन ही मुस्काया था. मेहनत तो करी थी रात भर वोह हँसा भी तेरी हर बात पर अपनी पथरीली छाती पे उसने दौड़ाया था खरगोश और झुर्री वाली बुढ़िया ने भी काता चरखा खो के होश. तेरे मेरी बातों से ऊब गया होगा, इसीलिए शायद डूब गया होगा. अब मन मत मारो, माफ़ करो बात छोटी है जाने दो. कल बैठे ना वो साथ हमारे पर शायद दिख जायेगा वो. किस बात की रंजिश पालें अब क्यूँ करें बेवजह अफ़सोस, अब चाँद से बस, पहचान बची है, हाँ था वो कभी, पुराना दोस्त.