आदाब तुझे ऐ मेरे वतन लखनऊ आदाब तुझे मेरे जानो-तन लखनऊ है कभी आईना कभी शराब-सा तू है मेरी शोख़ी मेरा बाँकपन लखनऊ है तू ही मुस्लमाँ और तू ही है हिन्दू निकहते रहे तेरे गुलशन लखनऊ लहज़ा लुत्फ़ ज़ुबाँ और मेरी… more →
तख़लीक़-ए-नज़रअफ़लातून wrote 2 months ago: दुनिया को परमाणु बिजली संयंत्र के राक्षसी स्वरूप का तार्रुफ़ चेर्नोबिल करा गया है । २६ अप्रैल , १९८६ … more →
Ajad Panchhi wrote 5 months ago: LUCKNOW: Replying to allegations over a fund collection drive ahead of her birthday , Uttar Pradesh … more →
Dr Prabhat Tandon wrote 6 months ago: मेरा मानना है अधिकतर कान्फ़्रेन्स राजनीति का अखेडा ही होती है ; पिछ्ले २० सालों से मु … more →
adhyapan wrote 1 year ago: Ubuntu Community and discussion group in Kanpur Google Group – http://groups.google.com/group/ … more →
विनय wrote 1 year ago: आदाब तुझे ऐ मेरे वतन लखनऊ आदाब तुझे मेरे जानो-तन लखनऊ है कभी आईना कभी शराब-सा तू है मेरी शोख़ी मेरा … more →