पवन बासूरी भोर की रंगों से सज़ा गगन सुनहरी रश्मि का आगमन कीलरव से चहेका चमन अंगड़ाई ले जागा मधुबन अध खुले अध खिले सुमन शरारत भरी थोड़ी चुभन पंखुड़ियों पर रेशम छूअन पुलकित रोमांचित करता तनमन बासूरी प… more →
mehekmehhekk wrote 1 year ago: पवन बासूरी भोर की रंगों से सज़ा गगन सुनहरी रश्मि का आगमन कीलरव से चहेका चमन अंगड़ाई ले जागा मधुबन अ … more →
mehhekk wrote 1 year ago: आज जाने की ज़िद्द ना करो लगता है जैसे अरसो पुरानी बात है गमो के साये सदा हमारे साथ है | तमस की वो बे … more →