………… आज कुछ शाश्वत लिखूंगा ! क्षणिकाएं अब भाती नहीं, लघु-काव्य की रचना आती नहीं, नाटिका की जब बात छेड़ो तो, अन्यमनस्क सा दिखूंगा ! आज कुछ शाश्वत लिखूंगा !! प्रतिक्षण तप्त वि… more →
महाबली शाकाmahabalishaka wrote 8 months ago: ………… आज कुछ शाश्वत लिखूंगा ! क्षणिकाएं अब भाती नहीं, लघु-काव्य की रचना आती … more →