१९३६ में गुजरात साहित्य परिषद के समक्ष परिषद के पत्रकारिता प्रभाग की रपट महादेव देसाई ने प्रस्तुत की थी । उक्त रपट के प्रमुख अनुदित हिस्से इस ब्लॉग पर मैंने दिए थे । नीचे की कड़ी ऑनलाईन पीडीएफ़ पुस्तिका… more →
यही है वह जगहअफ़लातून wrote 1 day ago: १९३६ में गुजरात साहित्य परिषद के समक्ष परिषद के पत्रकारिता प्रभाग की रपट महादेव देसाई ने प्रस्तुत की … more →
अफ़लातून wrote 5 months ago: हैदराबाद – पुणे रेल मार्ग पर यह मेरा पहला सफ़र था , इसलिए लाजमी तौर पर मन में थोड़ा उत्साह भी थ … more →
अफ़लातून wrote 1 year ago: पिछला भाग । महादेव देसाई का एक सुन्दर वर्णन ‘ हसीदे एदीब ‘ की ‘ इनसाइड इण्डिया … more →
अफ़लातून wrote 1 year ago: [आठ अगस्त १९४२ को मुम्बई के ग्वालिया टैक के मैदान में अपने ऐतिहासिक भाषण में महात्मा गाँधी ने ‘अंग्र … more →
अफ़लातून wrote 1 year ago: १. पत्रकारीय लेखन किस हद तक साहित्य है ? : महादेव देसाई २. पत्रकारिता दुधारी तलवार ३. खबरों की शुद् … more →
अफ़लातून wrote 1 year ago: ‘मोहल्ले’ पर किसी ने महादेव देसाई के नाम से टीपा।’अंग्रेजों भारत छोड़ो-करो या मरो … more →
अफ़लातून wrote 1 year ago: Technorati tags: महादेव देसाई, पत्रकारिता, स्टेड, journalist, mahadev desai, journalism अग्रगण्य विद … more →
अफ़लातून wrote 2 years ago: Technorati tags: महादेव देसाई, पत्रकारिता, सम्पादक, सूत्रधार, mahadev desai, journalism, editors अब … more →
अफ़लातून wrote 2 years ago: लोगों की सुरुचि के पोषक , रसवृत्ति की उन्नति करने वाले व बुद्धि का अनुरंजन करने वाले उपायों पर एक भी … more →
अफ़लातून wrote 2 years ago: पिछला भाग अखबारों के मुख्य अंगों की बात मैंने की है । इनमें अब नए नए अंग शामिल हो रहे हैं । सिनेमा ज … more →
अफ़लातून wrote 2 years ago: पिछला भाग : परदेशी , खास कर युरोपीय घटनाओं के बारे में हम ज्यादा समझ सकें तथा उनकी चर्चा ज्ञानपू … more →
अफ़लातून wrote 2 years ago: पिछला भाग इस मामले में (रिपोर्टिंग) अपने देश में कमी है तथा परिस्थिति का अध्ययन कर उसका भरोसेमन्द वर … more →
अफ़लातून wrote 2 years ago: मेरे पास ‘ मेंचेस्टर गार्डियन ‘ का एक अंक पड़ा है , उसमें लिबरल ‘समर स्कूल ‘ … more →
अफ़लातून wrote 2 years ago: पिछले हिस्से से आगे : समाचारों की बात छोड़ कुछ आगे बढ़ा जाए । हांलाकि भाषणों और मुलाकातों के विवरण व्य … more →
अफ़लातून wrote 2 years ago: हमारे साप्ताहिक पत्रों में से बहुत कम क्षुद्रता से परे रहने वाले हैं । ( इनमें स्थानीय समाचार देने व … more →
अफ़लातून wrote 2 years ago: Technorati tags: समाचार, अखबार, गन्दगी, mahadev desai, reporting, journalism हम अपने देश में अपनी अद … more →
अफ़लातून wrote 2 years ago: समाचारपत्रों के हाथ में समाज के एक – एक व्यक्ति की आबरू है , सभ्यता के नियम व्यक्ति पर जितना ल … more →
अफ़लातून wrote 2 years ago: गलत खबरों की बात दूर रही , हम सच्ची किन्तु बेजान खबरों को छाप कर यह मानते हैं कि अखबार की शोभा बढ़ाई … more →
अफ़लातून wrote 2 years ago: किसी अन्य वस्तु से बढ़कर सत्यनिष्ठा ही पत्रकार का प्रथम धर्म है । बॉल्डविन ने इंग्लैंड के सम्मानित पत … more →