तन चंचला मन निर्मला व्यवहार कुशला भाषा कोमला सदैव समर्पिता | नदिया सा चलना सागर से मिलना खुद को भुलाकर भी अपना अस्तित्व सभलना रौशन अस्मिता | सृष्टि की जननी प्रेम रूप धारिणी शक्ति सहारिणी सबल कार्यकार… more →
mehekaspundir wrote 1 year ago: नारी जीवन पर अथवा नारी रचित कुछ Blogs के पते उपलब्ध हैं- http://bhavanjali.blogspot.com/ चिट्ठाकार: … more →
mehhekk wrote 1 year ago: तन चंचला मन निर्मला व्यवहार कुशला भाषा कोमला सदैव समर्पिता | नदिया सा चलना सागर से मिलना खुद को भुल … more →