ऐसी हर सहर कीजिए नींद खुले देखूं तुम्हे ऐसी हर सहर कीजिए दिल में छुपाए कुछ राज़ हमे खबर कीजिए | पैगाम-ए-मोहोब्बत भेजा है खत में नाज़निन कबुल हो गर तोहफा-ए-इश्क़ हमसे नज़र कीजिए | खुशियाँ बाटने यह… more →
mehekmehhekk wrote 1 year ago: ऐसी हर सहर कीजिए नींद खुले देखूं तुम्हे ऐसी हर सहर कीजिए दिल में छुपाए कुछ राज़ हमे खबर कीजिए | प … more →