हम हम है बाकी सब पानी कम है, आज के नेताओका यही तो धरम है, कुसीँ के खेल के बाजीगर है ये, सच कहु तो यार इनमे बडा दम है, सचाइ से कया हासील है यार यहा तो पैसा भगवान है, हम तो जानवर से रहे गये हे बस वही लो… more →
Manish Pansiniya's PoemsManish wrote 1 year ago: हम हम है बाकी सब पानी कम है, आज के नेताओका यही तो धरम है, कुसीँ के खेल के बाजीगर है ये, सच कहु तो या … more →
Manish wrote 1 year ago: हर सख्श अपनी तनहाइ मे अपनी परछाइ को ढुंढता है, चहेरो पर चढे चहेरो के पीछे की सच्चाइ को ढुंढता है, … more →
Manish wrote 1 year ago: दील हो गया है दीवाना, जब से तुजे देखा जानेजाना, खयालो मे तेरे मै रहेता हु, सब से अब मै ये कहेता हु, … more →
Manish wrote 1 year ago: नयी दुल्हन के लीये…. तुम घुघंट मे गुमसुम बेठी हो, क्या सपने सजा रही हो सनम, ये संसार नया है, … more →
Manish wrote 1 year ago: न्युज और टीवी , वाह कया रंग दिखलाते है , अच्छे अच्छे पहेलवानो को ये नचाते है , खलि कि खलबलि , देख … more →
Manish wrote 1 year ago: कल कल मे खुशीयो का पल बीता जाये, कुछ न बन पाये वो, कुछ न कर पाये, प्यार है तो साला, हम ये सोचेगें, … more →
Manish wrote 1 year ago: जो चाहा था ना मिला, ददँ दिल मे अब तक भरा, जिदंगी बहे गइ है यारो, बहेते आँसु की तरहा, प्यार मागां ना … more →
Manish wrote 1 year ago: प्यार क्या है? जरा नीचे पढिये वो कैसा होता है, प्यार दिल का दरिया है, जिस मे डुब जाना होता है, प् … more →
Manish wrote 1 year ago: दील खाली है, आशीयाँ भी खाली सा लगे, तुम बिन मुजे ये जहाँ भी खाली सा लगे, तडप रहा हु तेरी यादो मे ओ म … more →
Manish wrote 1 year ago: चाहा था तुमको दिल से, समजा ना तुमने दिल को, ठुकराके यु चल दिये.. अरमा थे लाखो दिल मे, सपने देखे … more →
Manish wrote 1 year ago: कस्मकस है साँसो की, लम्हो की बरसाते है, कुछ खट्टे है, कुछ मीठे है, और कुछ पुरानि यादे है, वो बचपन … more →
Manish wrote 1 year ago: दिल के आशियाने मे तेरी तसवीर लागाइ है, जिदंगी मैने तेरे हि ख्वाबो से सजाइ है, हर ददँ का अहेसास है त … more →
Manish wrote 1 year ago: गम ही गम है, ददँ ही ददँ है, दील के हर कोने मे, जिदंगी बहे गइ यारो, सिफँ और सिफँ रोने मे, क्या क्या … more →