‘सत्यमेव जयते’ भारत सरकार द्वारा शासकीय प्रतीक-वाक्य के तौर पर अपनाया गया सूक्त है, जिससे बहुत से लोग परिचित होंगे । इसी प्रकार का एक औपनिषदिक वाक्यांश ‘विद्ययामृतमश्नुते’ है जिसके दर्शन शिक्षा के क्ष… more →
विचार संकलनयोगेन्द्र wrote 1 month ago: ‘सत्यमेव जयते’ भारत सरकार द्वारा शासकीय प्रतीक-वाक्य के तौर पर अपनाया गया सूक्त है, जिससे बहुत से लो … more →
dhriti wrote 2 months ago: I am a bundle of complexes. I do not know what can I give up and how, in order to unburden me and … more →
दीपक भारतदीप wrote 2 months ago: अहौ वा हारे बलवति रिपौ वा सुहृदि वा मणौ वा लोष्ठे वा कुसुमशयने वा दृषदि वा। तृणे वा स्त्रैणे वा मम स … more →
dhriti wrote 2 months ago: Wonderful workshop on meditation by Dr.Srikanth Sola Thanks to Kingston Sai Center … more →
dhriti wrote 3 months ago: By Mrs. Mallika Srinivasan Mrs. Mallika Srinivasan is the CEO of TAFE [Tractors and Farm Equipment] … more →
aspundir wrote 3 months ago: श्री राम शलाका प्रश्नावली सु प्र उ बि हो मु ग ब सु नु वि घ धि इ द … more →
dhriti wrote 4 months ago: Q&A with Mohanji Respect your constitution. This is fundamental. You are a unique being. There … more →
योगेन्द्र wrote 6 months ago: ईशोपनिषद् ग्रंथ में मनुष्य को भौतिक संग्रह करने की अपनी लालसा पर नियंत्रण करने का उपदेश अधोलिखित मंत … more →
vjrawat wrote 8 months ago: ¥·âÚ ·æ× âãè ¿ÜÌð-¿ÜÌð ·ãè´ ·éÀ °ðâæ ƒæÅÌæ ãñ ç· ã× ¥æòçÈâ ·è ·æØüÂý‡ææÜè ×𢠹éÎ ·æð ¥âãÁ ÂæÌð ãñ¢Ð … more →
योगेन्द्र wrote 9 months ago: छ: वैदिक मन्त्रों की इस शृंखला में अधोलिखित मन्त्र (यजुष्) अन्तिम है:- सुषारथिरश्वानिव यन्मनुष्यान् … more →
योगेन्द्र wrote 9 months ago: मैं शुक्लयजुर्वेद के चौंतीसवें अध्याय के उन छः मंत्रों की चर्चा कर रहा हूं जिनका अंतिम चरण ’तन्मे मन … more →
योगेन्द्र wrote 9 months ago: इस स्थल पर शुक्लयजुर्वेद के जिन मन्त्रों की बात मैं कर रहा हूं (तीसरे के लिए क्लिक करें) उनमें क्रमश … more →
योगेन्द्र wrote 9 months ago: इस बात की चर्चा पहले की जा चुकी है कि शुक्लयजुर्वेद के ३४वें अध्याय के आरंभ के सभी छः मन्त्रों का अ … more →
योगेन्द्र wrote 9 months ago: शुक्लयजुर्वेद के ३४वें अध्याय के आरंभ का क्रमशः दूसरा मन्त्र (यजुष्) इस प्रकार् है:- येन कर्माण्यप … more →
योगेन्द्र wrote 9 months ago: वैदिक एवं औपनिषदिक ग्रन्थों में कई मंत्र ऐसे हैं जिनमें आत्मिक उत्थान के गंभीर भाव प्रार्थनाओं के रू … more →
aspundir wrote 9 months ago: त्रिकाल-दर्शक गौरी-शिव मन्त्र विनियोगः- अनयोः शक्ति-शिव-मन्त्रयोः श्री दक्षिणामूर्ति ऋषिः, गायत्र्यन … more →
aspundir wrote 10 months ago: प्राणेश्वर श्रीकृष्ण मंत्र- “ॐ ऐं श्रीं क्लीं प्राण-वल्लभाय सौः सौभाग्यदाय श्रीकृष्णाय स्वाहा। … more →
shabarmantra wrote 11 months ago: सर्व-कार्य-कारी सिद्ध मन्त्र १॰ “ॐ पीर बजरङ्गी, राम-लक्ष्मण के सङ्गी, जहाँ-जहाँ जाए, फतह के डङ … more →
dhriti wrote 1 year ago: Source: Super Science of Gayatri No other mantra has been worshipped and chanted as much as Gayat … more →