मंज़िल न दे चराग न दे हौसला तो दे, तिनके का ही सही तू मगर आसरा तो दे, मैंने ये कब कहा के मेरे हक में हो जवाब, लेकिन खामोश क्यूँ है तू कोई फैसला तो दे, बरसों मैं तेरे नाम पे खाता रहा फरेब, मेरे खुदा कहा… more →
कुछ पल जगजीत सिंह के नामAmarjeet Singh wrote 2 years ago: मंज़िल न दे चराग न दे हौसला तो दे, तिनके का ही सही तू मगर आसरा तो दे, मैंने ये कब कहा के मेरे हक में … more →