Lost your password?

Blogs about: Maoism

Featured Blog

भारत के गाँव-गाँव तक पैठ कर चुकी बुर्जुआजी

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 2 months ago: पिछली कड़ी के लिए यहाँ देखें इस लेख के सम्पूर्ण ऑडियो (पंजाबी) के लिए यहाँ दबायें चुनाव या अन्य इंकला … more →

Tags: आह्वान, मार्क्सवाद, सोवियतें, कम्यून, मजदूर वर्ग की विरासत, वर्ग चेतना, इन्कलाब, संशोधनवाद, भारतीय चुनाव प्रणाल

प्रो.एल.पी.जी. बुद्धिजीवी बनाम वामपंथी बुद्धिजीवी 2 comments

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 5 months ago: पिछली शताब्दी के नब्बे के दशक में और उसके बाद भारत में एक ऐसा वर्ग पनपा है जिसे प्रो.एल.पी.जी. वर्ग … more →

Tags: विचारणीय : मीडिया से, कम्युनिस्ट, सर्वहारा, माओ त्से तुंग, बीस फीसदी का लोकतन्त, मजदूरों का जीवन, वामपंथी, अधिशेष

कला-साहित्य-संस्कृति के मोर्चे पर विचारधारात्मक संघर्ष

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 6 months ago: एक नए सर्वहारा पुनर्जागरण और प्रबोधन के वैचारिक सांस्कृतिक कार्यभार (सांस्कृतिक मोर्चे पर नई शुरुआत … more →

Tags: समाजवाद, सर्वहारा, नव सर्वहारा पुनर्जा, नव सर्वहारा प्रबोधन, मार्क्सवाद, फासिज्म, साम्राज्यवाद, विरासत, Marxism

नए सांस्कृतिक कार्यभारों की ज़मीन--- महत्तव्पूर्ण सामजिक-आर्थिक सरंचनागत परिवर्तनों और विश्व-ऐतिहासिक विपर्यय का यह दौर

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 6 months ago: एक नए सर्वहारा पुनर्जागरण और प्रबोधन के वैचारिक सांस्कृतिक कार्यभार (सांस्कृतिक मोर्चे पर नई शुरुआत … more →

Tags: लेनिन, क्रांति, आंदोलन, कम्युनिस्ट, समाजवाद, सर्वहारा, नव सर्वहारा पुनर्जा, नव सर्वहारा प्रबोधन, पूंजीवादी संकट

दर्शन के प्रश्नों पर

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 7 months ago: वार्ता विशेष माओ त्से-तुङ 18 अगस्त, 1964 यह चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के अपने कुछ वरिष्ठ कामरेडों के सा … more →

Tags: लेनिन, क्रांति, कम्युनिस्ट, समाजवाद, सर्वहारा, नव सर्वहारा पुनर्जा, नव सर्वहारा प्रबोधन, मार्क्सवाद, फासिज्म

नक्सलबाड़ी और उत्तरवर्ती चार दशक-4

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 7 months ago: एजेण्डा पर कम्युनिस्ट क्रान्तिकारियों की एकता का सवाल : एक सर्वभारतीय पार्टी के गठन की ओर नक्सलबाड़ी … more →

Tags: क्रांति, आह्वान, आंदोलन, कम्युनिस्ट, नव सर्वहारा पुनर्जा, नव सर्वहारा प्रबोधन, आतंकवाद, विरासत, Communist

नक्सलबाड़ी और उत्तरवर्ती चार दशक-32 comments

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 8 months ago: तैयार होती ज़मीन, वह ऐतिहासिक विस्फोट और उसके बाद नवम्बर, 1964 में जब कलकत्ता के त्यागराज हॉल में पा … more →

Tags: क्रांति, आह्वान, आंदोलन, कम्युनिस्ट, नव सर्वहारा पुनर्जा, नव सर्वहारा प्रबोधन, आतंकवाद, विरासत, Communist

नक्सलबाड़ी और उत्तरवर्ती चार दशक-2

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 8 months ago: निकट अतीत की पृष्ठभूमि : नक्सलबाड़ी-पूर्व दो दशकों के दौरान भारतीय कम्युनिस्ट आन्दोलन नक्सलबाड़ी में क … more →

Tags: लेनिन, क्रांति, आंदोलन, कम्युनिस्ट, समाजवाद, सर्वहारा, नव सर्वहारा पुनर्जा, नव सर्वहारा प्रबोधन, मार्क्सवाद

नक्सलबाड़ी और उत्तरवर्ती चार दशक-1

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 8 months ago: एक सिंहावलोकन -दीपायन बोस कुछ चीज़ें धकेल दी गयी हैं अँधेरे में उन्हें बाहर लाना है, जड़ों तक जाना है … more →

Tags: लेनिन, क्रांति, आंदोलन, कम्युनिस्ट, समाजवाद, सर्वहारा, नव सर्वहारा पुनर्जा, नव सर्वहारा प्रबोधन, मार्क्सवाद

मज़दूर साथियो! असली और नकली कम्युनिज्म में फ़र्क करना सीखो!

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 8 months ago: संशोधनवाद और मार्क्सवाद : बुनियादी फ़र्क भाकपा, माकपा और भाकपा (मा-ले) जैसी पार्टियों का नकली कम्युन … more →

Tags: लेनिन, क्रांति, कम्युनिस्ट, मार्क्सवाद, Communist, Marxism, एंगेल्स, Karl Marx, वर्ग चेतना

'बिगुल' लक्ष्य और स्वरूप पर बहस

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 8 months ago: power of the working people नई समाजवादी क्रान्ति के उद्घोषक ‘बिगुल’ से सम्बंधित 72 पन्नो … more →

Tags: बिगुल, प्रतिबद्ध, लेनिन, क्रांति, आंदोलन, कम्युनिस्ट, समाजवाद, सर्वहारा, नव सर्वहारा पुनर्जा

सही विचार आखिर कहाँ से आते हैं?

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 8 months ago: माओ त्से तुंग सही विचार आखिर कहाँ से आते हैं? क्या वे आसमान से टपक पड़ते हैं? नहीं। क्या वे हमारे दिम … more →

Tags: विचारणीय : मीडिया से, नव सर्वहारा पुनर्जा, नव सर्वहारा प्रबोधन, मार्क्सवाद, विरासत, मजदूर वर्ग की विरासत, assimilating the legacy of the proletariate, माओ त्से तुंग

नेपाली क्रान्ति : नये दौर की समस्याएँ और चुनौतियाँ, सम्भावनाएँ और दिशाएँ--आलोक रंजन

Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 8 months ago: दिसम्बर, 2008 और जनवरी, 2009 के महीने नेपाली कम्युनिस्ट आन्दोलन और पूरे नेपाल के लिए अत्याधिक  महत्त … more →

Tags: क्रांति, मार्क्सवाद, nepal, नेपाल, नेपाली क्रान्ति, इक्कीसवीं सदी में बी


Have your say. Start a blog.

See our free features →

Related Tags
All →

Follow this tag via RSS