Blogs about: Marasim

Featured Blog

शाम से आँख में नमी सी है

Amarjeet Singh wrote 1 year ago: … more →

Tags: गुलज़ार, जगजीत सिंह, मरासिम, शाम से आँख में नमी सी, Gulzar, Jagjit Singh, Non Films, Shaam Se Aankh Mein Nami Se Hai, Sony

एक पुराना मौसम लौटा1 comment

Amarjeet Singh wrote 1 year ago: एक पुराना मौसम लौटा याद भरी पुरवाई भी, ऐसा तो कम ही होता है वो भी हों तनहाई भी, यादों की बौछारों से … more →

Tags: Jagjit Singh, Ghazal, जगजीत सिहँ, Álbums, गज़ल, Gulzar, Non Films, जगजीत सिंह, Sony

एक परवाज़ दिखाई दी है

Amarjeet Singh wrote 1 year ago: एक परवाज़ दिखाई दी है, तेरी आवाज़ सुनाई दी है, जिस की आँखों में कटी थीं सदियां, उस ने सदियों की जुदाई … more →

Tags: Jagjit Singh, Ghazal, जगजीत सिहँ, Álbums, गज़ल, Gulzar, Non Films, जगजीत सिंह, Sony

हाथ छूटे भी तो रिश्ते नहीं छोड़ा करते

Amarjeet Singh wrote 1 year ago: हाथ छूटे भी तो रिश्ते नहीं छोड़ा करते, वक़्त की शाख से लम्हे नहीं तोड़ा करते, जिस की आवाज़ में सिलवट हो … more →

Tags: Jagjit Singh, Ghazal, जगजीत सिहँ, Álbums, गज़ल, Gulzar, Non Films, जगजीत सिंह, Sony

आँखों में जल रहा है क्यूं बुझता नही धुँआ

Amarjeet Singh wrote 1 year ago: आँखों में जल रहा है क्यूं, बुझता नही धुँआ, उठता तो है घटा सा बरसता नही धुँआ, चूल्हा नही जलाया य बस्त … more →

Tags: Jagjit Singh, Ghazal, जगजीत सिहँ, Álbums, गज़ल, Gulzar, Non Films, जगजीत सिंह, Sony

ज़िंदगी यूँ हुयी बसर तन्हा

Amarjeet Singh wrote 1 year ago: ज़िंदगी यूँ हुयी बसर तन्हा, काफिला साथ और सफर तन्हा, अपने साये से चौंक जाते हैं, उम्र गुजरी है इस कदर … more →

Tags: Jagjit Singh, Ghazal, जगजीत सिहँ, Álbums, गज़ल, Gulzar, Non Films, गुलज़ार, जगजीत सिंह

वो ख़त के पुर्जे उडा रहा था

Amarjeet Singh wrote 1 year ago: वो ख़त के पुर्जे उडा रहा था, हवाओं का रूख दिखा रहा था, कुछ और भी हो गया नुमाया, मैं अपना लिखा मिटा र … more →

Tags: Jagjit Singh, Ghazal, जगजीत सिहँ, Álbums, गज़ल, Gulzar, Non Films, गुलज़ार, जगजीत सिंह

शाम से आँख में नमी सी है

Amarjeet Singh wrote 1 year ago: शाम से आँख में नमी सी है, आज फ़िर आपकी कमी सी है, दफ़न कर दो हमें की साँस मिले, नब्ज़ कुछ देर से थमी … more →

Tags: Jagjit Singh, Ghazal, जगजीत सिहँ, Álbums, गज़ल, Gulzar, Non Films, जगजीत सिंह, Sony

दिन कुछ ऐसे गुज़ारता है कोई

Amarjeet Singh wrote 2 years ago: दिन कुछ ऐसे गुज़ारता है कोई जैसे अहसान उतारता है कोई। आईना दिख के तसल्ली हुई हमको इस घर में जानता है … more →

Tags: Álbums, गज़ल, जगजीत सिहँ, Ghazal, Gulzaar, Gulzar, Jagjit Singh, Non Films, गुलज़ार


Have your say. Start a blog.

See our free features →

Related Tags
All →

Follow this tag via RSS

Find other items tagged with “marasim”:
Technorati Del.icio.us IceRocket