अक्लमंदों की महफिल से इसलिये ही जल्दी बाहर निकल आये सभी के पास था अपनी शिकायतों का पुलिंदा किसी के पास मसलों का हल न था अपनी बात कहते हुए चिल्ला रहे थे पर करने का किसी में बल न था करते वह कोई नई तलाश … more →
दीपक भारतदीप की ई-पत्रिकादीपक भारतदीप wrote 9 months ago: अपने कुछ ब्लाग/पत्रिका का नामकरण हमने मस्तराम के नाम पर आज कर ही दिया। आज होली का पर्व है और एक लेखक … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: अक्लमंदों की महफिल से इसलिये ही जल्दी बाहर निकल आये सभी के पास था अपनी शिकायतों का पुलिंदा किसी के प … more →