कही कुछ तो पहले तो हमे छूकर गुजरनेवाला हवा का हर झोका मधुर बातें कहता पल पल की खबर देता बावरा सा आगे पिछे झूम झूम के बहता अब पास से गुज़रे भी बनता अनदेखा अनजाना नाही कोई करता बहाना खुलेआम नज़र अंदाज़… more →
mehekMANOJ KUMAR wrote 1 week ago: गाँव के गरीब अपने आशियाने को महफूज़ रखने के लिए तिनका-तिनका जोड़ कर घर बनाने के जद्दो जहद में.... … more →
MANOJ KUMAR wrote 1 week ago: बच्चे बकडिया चरा कर घर आते हुए ---जो जिम्मेदारी इनके माँ बाप के सर पर होनी चाहिए वो इनके सर पर हैं ज … more →
MANOJ KUMAR wrote 1 week ago: बच्चे स्कूल पर " गुल्ली " खेलते हुए --हमारे गाँव के बच्चे अभी भी शिक्षा से बंचित हैं ,,,,व … more →
mehhekk wrote 1 year ago: कही कुछ तो पहले तो हमे छूकर गुजरनेवाला हवा का हर झोका मधुर बातें कहता पल पल की खबर देता बावरा सा आगे … more →
Shubhashish Pandey wrote 1 year ago: …Unfortunately a true Love story अजीब सी खामोशी के साथ धीमी बरसात है शायद आज फिर से एक लम्ब … more →
mehhekk wrote 1 year ago: इत्तेफ़ाक १. उन्ही लम्हों का तोहफा दिया जिन्हे हम दफ़ना चुके थे ख़ुदारा कसम से,तेरे ये इत्तेफ़ा … more →
mehhekk wrote 1 year ago: गुलदस्ता - मोहोब्बत का [1] फ़िज़ा के रंग कुछ सवरने लगे है हवाओं के रुख़ कुछ बदलने लगे है सुस् … more →
mehhekk wrote 1 year ago: आई है बसंत बहार सर्द हवाए सुस्ताने लगी कोहरा भी धुआँ धुआँ कनक सी कीरने जाल बुनती कोयल गात नीत राग … more →
mehhekk wrote 1 year ago: मेघा बरसो रे आज मौसम बदल रहा है ,एक नया अंदाज़ लाया बहती फ़िज़ायो संग रसिया का संदेसा आया आसमान पर ब … more →