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Blogs about: Mausam

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गाँव के गरीब अपने आशियाने को महफूज़ रखने के लिए तिनका-तिनका जोड़ कर घर बनाने के जद्दो जहद में..

MANOJ KUMAR wrote 1 week ago: गाँव के गरीब अपने आशियाने को महफूज़ रखने के लिए तिनका-तिनका जोड़ कर घर बनाने के जद्दो जहद में.... … more →

Tags: घर, barbighi, ballia, lakhiminia, Begusarai, Bihar, Manoj, kumar, high

जो जिम्मेदारी इनके माँ बाप के सर पर होनी चाहिए वो इनके सर पर हैं जिससे इनका बचपन इन बोझ के नीचे कही दबा जा रहा हैं.

MANOJ KUMAR wrote 1 week ago: बच्चे बकडिया चरा कर घर आते हुए ---जो जिम्मेदारी इनके माँ बाप के सर पर होनी चाहिए वो इनके सर पर हैं ज … more →

Tags: बचपन, barbighi, ballia, lakhiminia, Begusarai, Bihar, Manoj, kumar, high

हमारे गाँव के बच्चे अभी भी शिक्षा से बंचित हैं ,,,,वे खेतो में काम करते हुए, स्कूल या सड़क पर खेलते हुए दिखते हैं

MANOJ KUMAR wrote 1 week ago: बच्चे स्कूल पर " गुल्ली " खेलते हुए --हमारे गाँव के बच्चे अभी भी शिक्षा से बंचित हैं ,,,,व … more →

Tags: स्कूल, barbighi, ballia, lakhiminia, Begusarai, Bihar, Manoj, kumar, high

कही कुछ तो15 comments

mehhekk wrote 1 year ago: कही कुछ तो पहले तो हमे छूकर गुजरनेवाला हवा का हर झोका मधुर बातें कहता पल पल की खबर देता बावरा सा आगे … more →

Tags: Kavita, Hindi Poem, Mehek, HAWA, KAHI, kuch

मौसम8 comments

Shubhashish Pandey wrote 1 year ago:  …Unfortunately a true Love story   अजीब सी खामोशी के साथ धीमी बरसात है शायद आज फिर से एक लम्ब … more →

Tags: Kavita, कला, कविता, मुक्तक, मौसम, शायरी, शुभाशीष, शेर, Love

इत्तेफ़ाक6 comments

mehhekk wrote 1 year ago: इत्तेफ़ाक १. उन्ही लम्हों का तोहफा दिया जिन्हे हम दफ़ना चुके थे     ख़ुदारा  कसम से,तेरे ये इत्तेफ़ा … more →

Tags: Shayari, Kavita, Hindi Poem, Sher, Mehek, mehhekk, tohfa, ittefaak, haqiqat

गुलदस्ता - मोहोब्बत का(valentine)16 comments

mehhekk wrote 1 year ago:   गुलदस्ता - मोहोब्बत का [1] फ़िज़ा के रंग कुछ सवरने लगे है हवाओं के रुख़ कुछ बदलने लगे है सुस् … more →

Tags: Valentine Day, Shayari, chandani, Kavita, Hindi Poem, Love, PYAR, mohobaat, Sher

आई है बसंत बहार 6 comments

mehhekk wrote 1 year ago:    आई है बसंत बहार सर्द हवाए सुस्ताने लगी कोहरा भी धुआँ धुआँ कनक सी कीरने जाल बुनती कोयल गात नीत राग … more →

Tags: बसंत बहार, Shayari, Kavita, Hindi Poem, Sher, Mehek, mehhekk, geet, Blogroll

मेघा बरसो रे आज

mehhekk wrote 1 year ago: मेघा बरसो रे आज मौसम बदल रहा है ,एक नया अंदाज़ लाया बहती फ़िज़ायो संग रसिया का संदेसा आया आसमान पर ब … more →

Tags: मेघा बरसो रे, Shayari, Kavita, Hindi Poem, Sher, Mehek, Poems, mehhekk, Blogroll


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