शीतल जल में चंदन घुला हो ऐसी थी काया काले-काले बादलों से घनी थी ज़ुल्फ़ों की छाया क्यों जचने लगी यह बेख़ुदी कैसी है माया माया यह तेरी कैसी माया है हर तरफ़ तेरा जादू छाया है जाने कैसा मौसम आया है दिल ने ज… more →
तख़लीक़-ए-नज़रbharateeya wrote 2 weeks ago: एकदा एकस्मिन् गुरुकुले गुरुः शिष्यं बोधयति स्म, “मानवः मायया कथं बद्धो भवति” इति। शारीरि … more →
Krishna Kumar Mishra wrote 1 month ago: यह तस्वीर “द गार्जियन से साभार” Courtsy by: The Gaurdian newspaper” श्रीमती इन्दिर … more →
विनय wrote 1 year ago: शीतल जल में चंदन घुला हो ऐसी थी काया काले-काले बादलों से घनी थी ज़ुल्फ़ों की छाया क्यों जचने लगी यह बे … more →