Blogs about: Meadia

जब सम्मान मिल जाये तभी कविताओं पर नाराज होना-हास्य व्यंग्य

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: अगर आप मुझसे पूछें कि ब्लाग क्यों लिखते हो?’ तो मेरा सीधा जवाब यही होगा कि मेरे पास मनोरंजन के अलावा … more →

Tags: inglish, अभिव्यक्ति, हास्य व्यंग्य, व्यंग्य, चिन्तन, हिंदी साहित्य, साहित्य, media, Education

सड़क पर बेकार चलने वालों का संरक्षण जरूरी-व्यंग्य

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: मैं बेकार हूं और आगे भी कार खरीदने की कोई संभावना नहीं है। इसलिये जिस तरह सड़को पर कारों की संख्या … more →

Tags: अभिव्यक्ति, हास्य व्यंग्य, व्यंग्य, भारत, अनुभूति, हिंदी साहित्य, साहित्य, Internet, Friends

दर्द की बजाय लिखना पसंद है संघर्ष पर3 comments

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: अंतर्र्जाल पर मैं लिखता हूं इसका अर्थ यह कदापि नहीं लिया जाना चाहिए कि मै किसी उच्च मध्यम परिवार से … more →

Tags: Blogroll, Vichar, inglish, अभिव्यक्ति, संपादकीय, India, bharat, अनुभूति, संवेदना

इंटरनेट के वायरस यानि आजकल के नये भूत- व्यंग्य2 comments

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: कंप्यूटर के वायरस ऐसे ही लगते हैं जैसे प्रेतात्माएं। पहले जैसे हारर फिल्मों में भूतों द्वारा चीजें … more →

Tags: Blogroll, inglish, हास्य व्यंग्य, व्यंग्य, भारत, bharat, हिंदी साहित्य, साहित्य, Bloging

चजई-लो तय कर दी ब्लोग की परिभाषा-हास्य व्यंग्य 2 comments

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: ब्लोग क्या है? मेरे लिए एक ऐसी डायरी जिसे कोई भी पढ़ सकता है. अंग्रेजी के लोग इसका कैसे इस्तेमाल करते … more →

Tags: Blogroll, व्यंग्य, bharat, चिन्तन, Education, Friends, arebic, शब्द, web duniya

असल पर नक़ल का राज-हास्य कविता

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: आँख के अंधे अगर हाथी को पकड कर उसके अंगों को पकड लें अपने बुद्धि के अनुसार उसके अंगों का बयान कुछ का … more →

Tags: Blogroll, Kavita, कविता, शायरी, हास्य व्यंग्य, व्यंग्य, bharat, शेर, चिन्तन

क्रिकेट में संयत व्यवहार रखना आवश्यक 2 comments

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: भारत और आस्ट्रेलिया की बीच हाल ही में संपन्न श्रंखला में आस्ट्रेलिया के खिलाड़ी साइमंड पर भारतीय … more →

Tags: hindi, sampadkeeya, inglish, विचार, अभिव्यक्ति, Thought, India, bharat, बिंब-प्रतिबिंब

संत कबीर वाणी:परमार्थ है पीपल समान

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: स्वारथ सूका लाकडा, छाँह बिहूना सूल पीपल परमारथ भजो, सुख सागर को मूल संत शिरोमणि कबीरदास कहते हैं क … more →

Tags: Vichar, hindi, glogbal dashborad, Global Dashboard, dharm, अभिव्यक्ति, आचरण, संवेदना, साहित्य

हीरो और क्लर्क-hasya vyangaya kavita

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: हीरो और क्लर्क ऐक ही दिन  और ऐक ही समय पर  मंदिर में करने  दर्शन करने पहुँचे  क्लर्क तो रोज वहाँ जाक … more →

Tags: Blogroll, Kavita, शेर-ओ-शायरी, कविता, अभिव्यक्ति, संपादकीय, शायरी, shayree, shairee

वाह रे बाजार तेरा खेल , कभी पास कभी फेल- हास्य-व्यंग्य कविता

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: जब से मोबाइल की बैटरी फ़टने की खबर आई है लोग सहमे हैं जिनके लिये मोबाइल कोई फोन नहीं बल्कि गहने हैं … more →

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नए और फ्लॉप लेखक हिट्स से विचलित न हौं

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: नये लेखक जिन्होंने अभी हाल ही में इंटर नेट पर लिखना शुरू किया है और जो पहले से ही लिख रहे हैं और म … more →

Tags: Vichar, hindi, Kavita, Global Dashboard, inglish, नज़रिया, Thought, हास्य व्यंग्य, व्यंग्य

ज्ञान के चिराग कुछ यूँ बेचे जा रहे हैं

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: बौद्धिक अँधेरे में ज्ञान के चिराग कुछ यूँ बेचे जा रहे हैं सदियों से अपनी जगह खडे बुत भी लोगों को चल … more →

Tags: Blogroll, Vichar, hindi, Kavita, दृष्टिकोण, Global Dashboard, शेर-ओ-शायरी, कविता, दर्द बांटते चलो

आईने में बदहवास दीपक बापू

दीपक भारतदीप wrote 2 years ago: (यह व्यंग्य कविता काल्पनिक है और इसका किसी घटना या व्यक्ति से कोई संबंध नहीं है) अपने आईने में हमार … more →

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शाश्वत प्रेम पर एक कविता-hasya kavita

दीपक भारतदीप wrote 2 years ago: न पीडा से न किसी चाहत से न किसी शब्द से वह बहता आता है सहज भाव से अपनी पीडाओं को भुला दो अपनी चाहतों … more →

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मय का मायाजाल

दीपक भारतदीप wrote 2 years ago: जब पीते थे तो कोई बुलाता नहीं था मांगते थे तो कोई पिलाता नहीं था जब छोड़ दीं तो सब बुलाते हैं जैसे म … more →

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हर चमकने वाली चीज हीरा नहीं होती

दीपक भारतदीप wrote 2 years ago: क्रिकेट,फिल्म,राजनीति और और पत्रकारिता का क्षेत्र समाज में आकर्षण का केंद्र होते हैं । यही नहीं जिन … more →

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पैसा और सुख -एक सस्मरण

दीपक भारतदीप wrote 2 years ago: हमारे देश के अनेक महापुरुष कह चुके हैं कि जीवन अपने आप में एक मृग तृष्णा है । और ऐसा नहीं है कि हमा … more →

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हकलाते हुए लिखना जारी है

दीपक भारतदीप wrote 2 years ago: अपने बारे में मुझे दो बातें पता है कि मेरी बुधिद एकदम मन्द है और दूसरा यह कि इस कारण हादसे होंगे ही … more →

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मैं क्यों लिखता हूँ-अपना विचार

दीपक भारतदीप wrote 2 years ago:                    मैं क्यों लिखता हूँ , मुझे नहीं मालुम ! अब सवाल भी अपने से है जवाब भी स्वयं ही दे … more →

Tags: Blogroll, Vichar, hindi, दृष्टिकोण, Global Dashboard, दर्द बांटते चलो, नज़रिया, अभिव्यक्ति, सूचना


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