alakh niranjan wrote 1 year ago: बस रूक जाओ. अभी. यहीं. इसी वक्त. एक क्षण आगे नहीं. एक क्षण पीछे नहीं. इसी घड़ी में इसी क्षण में रूक … more →
alakh niranjan wrote 1 year ago: यह एक अद्भुद ध्यान पद्धति है. और इसके जरिए मस्तष्क से हृदय में उतरना आसान होता है. बुद्धिवादी से भाव … more →
alakh niranjan wrote 1 year ago: रीढ़ को सीधा करके बैठ जाईये. आंखे बंद. पूरे शरीर को ढीला छोड़ दीजिए. ध्यान रहे कमर झुकनी नहीं चाहिए. … more →