मेहरबां हो के बुला लो मुझे चाहो जिस वक़्त, मै गया वक़्त नहीं हूं के फिर आ भी ना सकूं, ज़ौफ़ में ता नये अग़ियार का शिकवा क्या है, बात कुछ सर तो नहीं है के उठा भी ना सकूं, ज़हर मिलता ही नहीं मुझको सितमगर वरना… more →
कुछ पल जगजीत सिंह के नामAmarjeet Singh wrote 2 years ago: मेहरबां हो के बुला लो मुझे चाहो जिस वक़्त, मै गया वक़्त नहीं हूं के फिर आ भी ना सकूं, ज़ौफ़ में ता नये अ … more →