रुपहली किरनो से सजाया जो आसमान चाँद के बिन सितारे अधूरे से लगते है | समंदर की गहराई में छुपाया जो खजाना मोतियो के बिन सीप अधूरे से लगते है | इज़हार करने जाओ जो गम-ए-जमाना आसुओ के बिन नयन अधूरे से ल… more →
mehekmehhekk wrote 1 year ago: रुपहली किरनो से सजाया जो आसमान चाँद के बिन सितारे अधूरे से लगते है | समंदर की गहराई में छुपाया जो … more →
mehhekk wrote 1 year ago: ग़ज़लो की दीवानी आज कल पग पग निशानी मैं बस ग़ज़ल सोचती जाउ किसी पल तुम देखो मुझको मैं बस ग़ज़ल … more →
mehhekk wrote 1 year ago: तेरी पायल की रुनझुन दिल में हलचल कराती है दिल में मीठे सुर सज़ाती है दिल से गीत सुनाती है दिल को महफ … more →
mehhekk wrote 2 years ago: महफ़िल मे बुलाकर पूछते हो के हमारा मिज़ाज़ कैसा है हम जहाँ,वहीं सज़ जाती है महफ़िल अपना तो आलम ही कु … more →