मिहीका आज बहुत खुश थी | उसे लग रहा था मानो हर पल थम थम कर चल रहा हो.| अगर वक़्त के पंख होते तो कितना अच्छा होता, कल सूबह तक का इंतज़ार इतना लंबा न होता | सफ़र की तैय्यारियाँ और ज़रूरत की सारी चीज़े… more →
mehhekk wrote 1 year ago: मिहीका आज बहुत खुश थी | उसे लग रहा था मानो हर पल थम थम कर चल रहा हो.| अगर वक़्त के पंख होते तो कितन … more →
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