यह कोरे काग़ज़ करते हैं दिल की बात जैसे यह कोरे हैं वैसे मेरे दिन-रात अपनी मुलाक़… more →
तख़लीक़-ए-नज़रविनय प्रजापति wrote 6 months ago: यह कोरे काग़ज़ करते हैं दिल की बात जैसे य … more →
विनय प्रजापति wrote 6 months ago: यह यादें तो ऐसी हैं जैसे मेरी परछाईं ज … more →