खामोशियाँ भी तेरी दिल को है गवारा अज़ीज-ए-जानशीन के किस्सा-ओ- मोहोब्बत तेरी आँखों से बयान हो जाता दिल-ए-नादान को लगती है चोट,वो रोता भी है कभी कभी समझाना उसे आसान होता,गर लफ़्ज़ों का मरहम मिल पाता |… more →
mehekmehhekk wrote 1 year ago: खामोशियाँ भी तेरी दिल को है गवारा अज़ीज-ए-जानशीन के किस्सा-ओ- मोहोब्बत तेरी आँखों से बयान हो जाता द … more →
mehhekk wrote 1 year ago: गुलदस्ता - मोहोब्बत का [1] फ़िज़ा के रंग कुछ सवरने लगे है हवाओं के रुख़ कुछ बदलने लगे है सुस् … more →
mehhekk wrote 1 year ago: धूप का रेशमी टुकड़ा दिन की पहली प्रहर में कोई दस्तक सुनाई दी झरोखे से देखा छुपकर वो खड़ा था मेरी दह … more →
mehhekk wrote 1 year ago: प्यार और दर्द का गहरा रिश्ता होता है दोनो है अलग फिर भी हमे भिगोता है | दोनो में ही आँखों से निकलते … more →
mehhekk wrote 1 year ago: तकदीर ने कुछ अनकहे फ़ैसले सुनाए कबुल कर उन्हे सराखों पर लिये है | ये दर्द छलक कही नासूर ना बन जाए … more →
mehhekk wrote 1 year ago: काटो से भरी राहे चुनकर जो चलते है अक्सर फूलों के बिस्तर उन्हे रास नही आया करते | इश्क़ की मुश्किल डग … more →
mehhekk wrote 1 year ago: रात रात भर करवटे बदलते नज़र आये तेरी यादों के साये बेवक़्त हमे सलते है | दुनिया की सच्चाई से रिश्ता … more →
mehhekk wrote 1 year ago: हम तुम अलग अलग दो तन एक मन बाहों में ये कंपन हमारी तुम्हारी बढ़ती धड़कन हम फूल तुम खुशबू इन फ़िज़ा … more →
mehhekk wrote 1 year ago: 1.जाम पर जाम छलकते रहे आँखों में सपने पनपते रहे मोहोब्बत-ए-महफ़िल सजी रात भर शमा जलती रही तेरा आना इ … more →
mehhekk wrote 1 year ago: वही पलाश के फूल लाना तुम चले जो कभी लहराती हवाये काया को मृदुसी छुकर जाये हमारी छुअन का आभास कराये … more →
mehhekk wrote 1 year ago: तुम्हे अपनी ज़िंदगी बनाना चाहते है मेरी सांसो में आकर मिल जाओ तुम | तुम्ही फूल मेरे जीवन की बगिया का … more →
mehhekk wrote 1 year ago: तोहफा देनेवाले की भावना को समझो कीमत से तोहफे अलग अलग होते है | अपना काम पूरी श्रद्धा और लगन से करो … more →
mehhekk wrote 1 year ago: उन ओस की बूँदो का आना लालिमा की चुनर पूरब पर लहराए मंद मंद बहती ये शीतल हवाए खिली कुसुमीता मध्यम मुस … more →
mehhekk wrote 1 year ago: ख़ता क्या हुई हमसे चाहत से बढ़कर चाहा है तुमको जान से बढ़कर अपनाया है तुमको | अपनी हसी में,अश्क … more →
mehhekk wrote 1 year ago: हम सदा ही मुस्कुरा जाते है आपके हर एक दीदार में | मोहोब्बत के मोती पिरोए है आपके हर लफ़्ज-ए- इज़हार … more →
mehhekk wrote 1 year ago: कुछ कहना तो है निगाहे जब मिलती है निगाहो से तेरी शर्मो हया की धुन्द रुखसते हो सारी निगाहो से कुछ कहन … more →
mehhekk wrote 1 year ago: बेवफा हम भी नही मोहोब्बत की राहों पर आज हम साथ नही कसमे जो खाई थी , उनमे कोई बात नही | गुजर गयी कायन … more →
mehhekk wrote 1 year ago: खत लिखने की रस्म नयनो में ये घटा,आज फिर घिर आई है खुशियों की बरसात बिन मौसम लाई है | डाकिया कितने दि … more →
mehhekk wrote 1 year ago: आज जाने की ज़िद्द ना करो लगता है जैसे अरसो पुरानी बात है गमो के साये सदा हमारे साथ है | तमस की वो बे … more →