चन्द्र-ग्रहण निकट भविष्य में १६/१७ अगस्त २००८ को चन्द्र ग्रहण होना है। यह ग्रहण श्रावण शुक्ल, शनिवार को मध्यवर्त्ती रात्री में पूरे भारत में खण्डग्रास के रुप में दिखाई देगा। इस ग्रहण का प्रारम्भ, मध्… more →
Aspundir's Weblogविनय wrote 4 months ago: दाग़े-शबे-हिज्राँ बुझाये नहीं बुझते आँसू बहते हैं इतना छुपाये नहीं छिपते होता है कभी, शाम आती है चाँ … more →
विनय wrote 5 months ago: How far we are How close we would be Eyes are filled with mist How clear could be Drizzle is damping … more →
दीपक भारतदीप wrote 5 months ago: अब चंद्रमा पर धरती पर तमाम देशों के अधिकार की बात शुरु हो गयी है। अखबार में प्रकाशित एक समाचार के अ … more →
विनय wrote 6 months ago: रातभर चाँद देखा किये माज़ी में उड़ रहीं थीं तेरी यादें समेटा किये रातभर चाँद देखा किये कभी हाथ से ढका … more →
विनय wrote 7 months ago: To see you, I am not me, you see It’s just the first crush or last may be To see you I do nothing to … more →
विनय wrote 7 months ago: पूनम थी शाम जिसने देखा मुझे मैंने उसकी नज़र को उसने मुझे, और चाँद रातभर रश्क करता रहा! शायिर: विनय प् … more →
विनय wrote 7 months ago: तन्हाई में भी हम दोनों साथ हैं यूँ लगता है मानो हाथों में हाथ हैं वह पहली शाम जब देखा था तुम्हें मैं … more →
mehhekk wrote 8 months ago: तुम हमे आज कल वैसे ही अच्छे लगते हो आधे अधूरे , हम तुम में अपनी भावनाए भर दे और तुम हम में जज़्बा … more →
विनय wrote 8 months ago: आज फिर मुझको खिड़की से दिख रहा है चाँद आधा-आधा जिस तरह से मैं जी रहा हूँ वो भी कहीं जी रहा है आधा-आध … more →
विनय wrote 9 months ago: Four days were dark without my moon four nights were bare without your dream A moment would be like … more →
aspundir wrote 11 months ago: चन्द्र-ग्रहण निकट भविष्य में १६/१७ अगस्त २००८ को चन्द्र ग्रहण होना है। यह ग्रहण श्रावण शुक्ल, शनिवा … more →
विनय wrote 11 months ago: बड़ी उम्मीद से मैं चला था तआक़ुब-ए-इश्क़ पर और दीदार उसका मुझको ही घायल कर गया है अब सुबह का चाँद और श … more →
विनय wrote 11 months ago: I’m walking on the misty road but still have faith in your love this seems warm as the rising … more →
विनय wrote 1 year ago: वह सिर्फ़ मेरा है मेरा ही रहेगा जिस दिन भी पुकारा उसने मुझे मेरे मद्यए-मुक़ाबिल के सर मौत का सेहरा होग … more →
विनय wrote 1 year ago: शबनमी सर्द रात है और ख़्याल तेरा चाँद तन्हा मैं तन्हा और ख़्याल तेरा सबसे छुपाया पर छुपा न राज़े-मोहब … more →
विनय wrote 1 year ago: मैं आँखों के लिए ख़ाब खरीदने निकला सितारों के लिए चाँद ढूँढ़ने निकला दिन अदा किया तब रात नसीब हुई हर … more →
विनय wrote 1 year ago: बिन तुम्हारे मैं क्या हूँ तुम न समझोगे आप तन्हाई की सदा हूँ तुम न समझोगे तुम्हारे ग़मे-इश्क़ में जो च … more →
विनय wrote 1 year ago: दिल तोड़ना at first sight झूठा गुस्सा उस पर झूठी fight लड़की है दीवानी लड़का दीवाना अपनी दोनों की जम … more →
विनय wrote 1 year ago: शबनम यूँ सुलगी रात सोते पत्तों पर जैसे वह मुझको मिले और मिले भी ना चाँद खिड़की पर बैठकर मुझे देखता ह … more →