महाकाव्य महाभारत के वन पर्व में पांडवों के बारह-वर्षीय वनवास के समय उनके द्वारा भोगे गये कष्टों का वर्णन है । ध्यान रहे कि कौरवों के साथ खेले गये जुए में युधिष्ठिर के हार जाने के बाद सभी पांडवों को बा… more →
विचार संकलनयोगेन्द्र जोशी wrote 4 weeks ago: महाकाव्य महाभारत के वन पर्व में पांडवों के बारह-वर्षीय वनवास के समय उनके द्वारा भोगे गये कष्टों का व … more →
योगेन्द्र जोशी wrote 2 months ago: ‘यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते …’ कहते हुए समाज में स्त्रियों को सम्मान मिलना चाहिए की बात अक्सर सु … more →
योगेन्द्र जोशी wrote 3 months ago: अपने आरंभिक छात्रजीवन के समय संस्कृत पाठ्यपुस्तकों में मैंने “सत्यं वद । धर्मं चर ।… मातृदेवो … more →
योगेन्द्र जोशी wrote 5 months ago: महाकाव्य महाभारत में ‘यक्ष-युधिष्ठिर संवाद’ नाम से एक पर्याप्त चर्चित प्रकरण है । संक्षेप में उसका व … more →
योगेन्द्र जोशी wrote 5 months ago: अक्सर यह देखने को मिलता है कि जब मनुष्य किसी एक विपत्ति का सामना कर रहा होता है तो और भी कई अड़चनें उ … more →
योगेन्द्र जोशी wrote 5 months ago: इधर कुछ दिनों से टीवी समाचार चैनलों पर ठगी के मामलों की चर्चा सुनने को मिल रही हैं । बताया जा रहा है … more →
योगेन्द्र जोशी wrote 11 months ago: महाकाव्य महाभारत के शान्तिपर्व में पितामह भीष्म द्वारा युधिष्ठिर को विविध उपदेश दिये जाने का विस्तृत … more →
योगेन्द्र जोशी wrote 11 months ago: अपने छात्रजीवन में मैंने एक नीतिश्लोक पढ़ा था जो मुझे अपनी कमजोर स्मरणशक्ति के बावजूद आज भी याद है, श … more →
योगेन्द्र जोशी wrote 1 year ago: मैंने पहले कभी (31 अक्टूबर) महर्षि बाल्मीकिविरचित रामायण में उल्लिखित राम-जाबालि संवाद की चर्चा की थ … more →
योगेन्द्र जोशी wrote 1 year ago: महाकाव्य महाभारत के शांतिपर्व के अंतर्गत मोक्षधर्म पर्व के अध्ययन से यही लगता है कि स्त्रीजाति के प् … more →
योगेन्द्र जोशी wrote 1 year ago: मेरे पास सुभाषितमाला नाम की एक पुस्तक है, श्री अरविंद आश्रम, पुदुच्चेरी (पूर्व में पांडिचेरी) से प्र … more →