सुबह की पायल खनकते ही,निशा की गोद से उठकर हम अक्सर उनकी गोद में समा जाते है | बिन कहे ही वो कुछ ऐसी खुशबू ले आती है,की बस,दिल खुश हो जाता है | उस खुशबू के बिना तो पैरों के पहिए चलते ही नही | १ . चाय … more →
प्रेमलता पांडे wrote 1 month ago: … more →
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Praful wrote 3 months ago: … more →
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mehhekk wrote 1 year ago: सुबह की पायल खनकते ही,निशा की गोद से उठकर हम अक्सर उनकी गोद में समा जाते है | बिन कहे ही वो कुछ ऐसी … more →
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