रुपहली किरनो से सजाया जो आसमान चाँद के बिन सितारे अधूरे से लगते है | समंदर की गहराई में छुपाया जो खजाना मोतियो के बिन सीप अधूरे से लगते है | इज़हार करने जाओ जो गम-ए-जमाना आसुओ के बिन नयन अधूरे से ल… more →
mehekmehhekk wrote 1 year ago: रुपहली किरनो से सजाया जो आसमान चाँद के बिन सितारे अधूरे से लगते है | समंदर की गहराई में छुपाया जो … more →