Girl:- ढूँढता फिरता है जिन राहों मे मुसाफिरों की तरह उन्ही पगडन्डियों मे बिखर गई हूँ रौशनी बनकर — – देख सक़ता है तो .. देखले मुझको …..!! Boy:- आज हम गुज़रे उन्ही रहो से जहाँ पे आप है … more →
ɤȫʋʂɦɑɳ's ɯɛɓ-ɓɭӧģRoushan wrote 4 months ago: Girl:- ढूँढता फिरता है जिन राहों मे मुसाफिरों की तरह उन्ही पगडन्डियों मे बिखर गई हूँ रौशनी बनकर … more →
Roushan wrote 4 months ago: Girl:- ढूँढता फिरता है जिन राहों मे मुसाफिरों की तरह उन्ही पगडन्डियों मे बिखर गई हूँ रौशनी बनकर … more →
mehhekk wrote 1 year ago: रुपहली किरनो से सजाया जो आसमान चाँद के बिन सितारे अधूरे से लगते है | समंदर की गहराई में छुपाया जो … more →