मुझे दे रहे हैं तसल्लियां वो हर एक ताज़ा पयाम से, कभी आके मंज़र-ए-आम पर कभी हट के मंज़र-ए-आम से, ना ग़रज़ किसी से ना वास्ता मुझे काम अपने ही काम से, तेरे ज़िक्र से तेरी फ़िक्र से तेरी याद से तेरे नाम से, मेर… more →
कुछ पल जगजीत सिंह के नामAmarjeet Singh wrote 2 years ago: मुझे दे रहे हैं तसल्लियां वो हर एक ताज़ा पयाम से, कभी आके मंज़र-ए-आम पर कभी हट के मंज़र-ए-आम से, ना ग़रज़ … more →