मुझको उनसे प्यार बहुत है, शहर मे ये तकरार बहुत है, आंखे जैसे फूल कवल का, चेहरा उनका रूप ग़ज़ल का, जुल्फों की मेह्कार बहुत है, मुझको उनसे प्यार बहुत है, चाँद भी देखे तो शरमाये, तारों को भी नींद न आये, एक… more →
कुछ पल जगजीत सिंह के नामAmarjeet Singh wrote 2 years ago: मुझको उनसे प्यार बहुत है, शहर मे ये तकरार बहुत है, आंखे जैसे फूल कवल का, चेहरा उनका रूप ग़ज़ल का, जुल् … more →