किसी गीता से न कुरआँ से अदा होती है न बादशाहों की दौलत से अता होती है रहमतें सिर्फ़ बरसती हैं उन्हीं लोगों पर जिनके दामन में बुज़ुर्गों की दुआ होती है। हर इक मूरत ज़रूरत भर का पत्थर ढूँढ लेती है कि जै… more →
चौपालSatish Chandra satyarthi wrote 1 year ago: किसी गीता से न कुरआँ से अदा होती है न बादशाहों की दौलत से अता होती है रहमतें सिर्फ़ बरसती हैं उन्हीं … more →