बहुत खूबसूरत है, आँखे तुम्हारी, अगर हो इनयात, ऐ जाने मोहब्बत, गारा देगी ये दिल को, किस्मत हमारी, जो सबसे जुदा है, वो अंदाज़ हो तुम, छुपा था जो दिल मे, वो ही राज़ हो तुम, तुम्हारी नजाकत, बनी जबसे चाहत,… more →
कुछ पल जगजीत सिंह के नामAmarjeet Singh wrote 2 years ago: बहुत खूबसूरत है, आँखे तुम्हारी, अगर हो इनयात, ऐ जाने मोहब्बत, गारा देगी ये दिल को, किस्मत हमारी, जो … more →
Amarjeet Singh wrote 2 years ago: यूं तो गुज़र रहा है, हर इक पल खुशी के साथ, फिर भी कोई कमी सी है, क्यों ज़िंदगी के साथ, रिश्ते वफाये द … more →
Amarjeet Singh wrote 2 years ago: रात खामोश है चाँद मदहोश है, थाम लेना मुझे जा रहा होश है, मिलन की दास्ताँ धडकनों की जुबान, गा रही है … more →
Amarjeet Singh wrote 2 years ago: यह किसका तस्सवूर है, यह किसका फ़साना है, जो अश्क है आखों में तस्बीह का दाना है, जो उन पे गुज़रती है, … more →
Amarjeet Singh wrote 2 years ago: गुम सुम ये जहाँ है, हमदम तू कहाँ है, गम्ज़दा हो गई, ज़िंदगी आ भी जा, रात बैठी है बाहे पसारे, सिस्किया … more →
Amarjeet Singh wrote 2 years ago: तेरी आँखों से ही जागे सोये हम कब तक आखिर तेरे ग़म को रोये हम वक्त का मरहम ज़ख़्मों को भर देता है , श … more →
Amarjeet Singh wrote 2 years ago: बेनाम सा ये दर्द ठहर क्यों नही जाता, जो बीत गया है वो गुज़र क्यों नही जाता, सब कुछ तो है क्या ढूंढती … more →
Amarjeet Singh wrote 3 years ago: रुख़ से परदा उठा दे ज़रा साक़िया बस अभी रंग-ए-महफ़िल बदल जायेगा है जो बेहोश वो होश में आयेगा गिरनेवाला ज … more →