Blogs about: Muskan

Featured Blog

अपने 3 comments

kmuskan wrote 5 months ago: अपने जब दूर जाते है तो बहुत दर्द देते है पर अपने जब पास रह कर भी दूरिया बना लेते है … more →

Tags: Apne, अपने, आंसू, कसक, गम, ज़िन्दगी, दर्द, दिल, दूरिया

फासला4 comments

kmuskan wrote 5 months ago: कभी कभी चंद कदमो का फासला दुनिया बदल देता है चंद कदमो का फासला ज़िन्दगी-भर का फासला बन जाता है चंद क … more →

Tags: Zindagi, कभी-कभी, चंद कदम, जिंदगी, दुनिया, फासला, मौत, Blogroll, hindi

चाँद 6 comments

kmuskan wrote 6 months ago: दबे कदमो से सब से छुपते छुपाते आज चाँद उतर आया मेरे आँगन । सुना था कि,चाँद में दाग होता है । हां … more →

Tags: kavita,kala, आभा, खूबसूरती, चाँद, जिंदगी, दाग, दीदार, समय, होश

कुछ लकीरे 8 comments

kmuskan wrote 6 months ago: कल्पना की लकीरों से, तेरी एक तस्वीर बनाई है जब भी देखती हूँ उसमे, तेरा ही अक्स नज़र आता है किसी का उद … more →

Tags: Zindagi, अक्स, अजनबी, आंसू, आग, उदास, ज़िन्दगी, तस्वीर, पीड़ा

वक्त 4 comments

kmuskan wrote 6 months ago: वो वक्त जैसे बीत कर भी नही बिता मेरे आज में शामिल है वो कुछ इस तरह कहते है वक्त से पहले किसी को … more →

Tags: Zindagi, इंतज़ार, उमर, जवाब, जिंदगी, वक्त, Blogroll, hindi, Hindi Poetry

आदत 5 comments

kmuskan wrote 6 months ago: तन्हाई  की ऐसी आदत  हो गई है कि महफ़िल  से डर लगता है किसी के जाने  से तो  कभी ना डरे पर किसी के … more →

Tags: Zindagi, आदत, आहट .महफ़िल, डर, तन्हाई, िजंदगी, Blogroll, hindi, Hindi Poetry

मुंबई हमले1 comment

kmuskan wrote 7 months ago: उन वीरो को नमन जिन्होंने उन आंतकवादियो से लोहा लेते हुए अपनी जान गवां दी है मुंबई में ताज ,नरीमन हा … more →

Tags: Zindagi, नमन, मुंबई, Blogroll, hindi, kala, Kavita, Poetry, salaam

यही तो ज़िन्दगी है 3 comments

kmuskan wrote 7 months ago: इक सपना टूटा आँख से आंसू बहा कुछ देर तक दिल बेचैन रहा उदास रहा पर फिर जैसे ख़ुद-ब-खुद सब ठीक हो गया … more →

Tags: Zindagi, आँख, आंसू, उदास, ज़िन्दगी, दिल, सपना, सुंदर, Blogroll

ज़िन्दगी 2 comments

kmuskan wrote 7 months ago: ज़िन्दगी जाने तू क्या चाहती है जाने किस मोड़ पे मुझे लिए जा रही है मेरे खवाबो  ,मेरी  तम्मनाओ को पीछ … more →

Tags: Zindagi, कोशिश, खवाब, ज़िन्दगी, तम्मना, धारा, पल, Blogroll, hindi

शुभकामनाये 1 comment

kmuskan wrote 7 months ago: आज बहुत दिनों बाद यहाँ आई। इतने दिनों तक कुछ लिखा ही नही । कुछ लोगो ने मुझे ईमेल भेजकर मुझसे ये जान … more →

Tags: Zindagi, Kavita, hindi, Poetry, kala, Blogroll, शुभकामनाये

जाने वो पल कहाँ खो गए8 comments

kmuskan wrote 9 months ago: ज़िंदगी की भाग-दोड में जाने वो पल कहाँ खो गए जब कुछ पल बैठ कर चैन से बतिया लिया करते थे एक चाए के प … more →

Tags: Zindagi, Kavita, hindi, Poetry, kala, Blogroll, पल, चाँद, रंग

आंसू 12 comments

kmuskan wrote 9 months ago: कहने को तो पानी का एक कतरा है पर कितने ही जज्बातों का दरिया है हर सपने को बड़े प्यार से आँखों … more →

Tags: Zindagi, Kavita, hindi, Poetry, kala, Blogroll, दिल, आंसू, गम

नफरत की आग 6 comments

kmuskan wrote 9 months ago: फ़िर से लग गई है दुकाने फ़िर से सज गए है बाज़ार दिल्ली फ़िर अपनी रफ़्तार से चल पड़ी है धमाके के मंजर को भू … more →

Tags: Zindagi, Kavita, hindi, Poetry, kala, Blogroll, घर, नफरत, बाज़ार

इंसान 7 comments

kmuskan wrote 9 months ago: कभी कभी ये सोचती हूँ कि क्या आंतकवादी इंसान नही होते अगर होते है तो क्यों उनकी आत्मा उन्हें धिक्कार … more →

Tags: Kavita, Zindagi, hindi, Poetry, kala, Blogroll, दिल, इंसान, आत्मा

अहसास3 comments

kmuskan wrote 9 months ago: वो फूल ही कया जिसमे खुशबू ना हो वो दिल ही कया जिसमे किसी का पयार न हो वो पयार ही कया जिसमे द … more →

Tags: Kavita, Zindagi, hindi, Poetry, kala, Blogroll, दिल, अहसास, दरद

जिए जा रहे है3 comments

kmuskan wrote 10 months ago: अपने ही कंधो पे ,अपनी लाश लिए जा रहे है जाने किस , उम्मीद में जिए जा रहे है जानती हूँ ,तू शामिल नही … more →

Tags: Zindagi, Kavita, hindi, Poetry, kala, Blogroll, पल, जिंदगी, गम

कान्हा 5 comments

kmuskan wrote 10 months ago: आज फिर कान्हा धरती पर आएँगे फिर लीला दिखलाएँगे फिर मटकी तोड़ के माखन चुराएंगे आज फिर कान्हा धरती प … more →

Tags: कान्हा, Kavita, Zindagi, hindi, Poetry, kala, Blogroll, रंग, गीता

पेपर 3 comments

kmuskan wrote 10 months ago: ये मेरी लिखी पहली कविता है इसे मैंने स्कूल के दिनों में लिखा था इसकी अन्तिम पंक्ति में मेरी फ्रेंड … more →

Tags: Zindagi, Kavita, hindi, Poetry, kala, Blogroll, पेपर, नंबर

बहुत दिनों बाद 3 comments

kmuskan wrote 10 months ago: आज बहुत दिनों बाद कुछ लिखने बैठी हूँ ।घर में तोड़ फोड़ ,साफ सफाई का काम हो रहा था ,इस कारण कंप्यूटर … more →

Tags: Zindagi, घर, बचपन, मजा, सामान, Blogroll, hindi, kala, Kavita


Have your say. Start a blog.

See our free features →

Related Tags
All →

Follow this tag via RSS

Find other items tagged with “muskan”:
Technorati Del.icio.us IceRocket