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Blogs about: Nablopomo09

चाहे जले हमारा जहाँ 2 comments

Nidhi KM wrote 4 months ago: चाहे जले हमारा जहाँ, रौशन रहे उनका जहाँ, जहाँ रहे चाहत हमारी… न आए उन पर, कोई भी आँच, जहां की … more →

Tags: कविताएँ, कुछ पंक्तियाँ, छनिकाएँ, दिल से दिल की बात..., किस्मत, खुशि, तुम्हे, दुआ, रौशन

~ मैं नदी थी ~3 comments

Nidhi KM wrote 5 months ago: मैं नदी थी प्यासी सी तुम सागर से मिलने चली थी मिलकर सागर मे ये जाना मैं ही अकेली, प्यासी नही थी सागर … more →

Tags: कविताएँ, दिल से दिल की बात..., nidhi, मैं, तुम, प्यासे, सागर, नदी, Love

सुख मे ना सही , दुख मे मुझे हमेशा अपने पास पाओगे... 2 comments

Nidhi KM wrote 5 months ago: तपती धूप मे , दुख के तूफ़ानों मे ग़म की परछाईयों मे , अंधेरी रातों मे भटकी हुई राहों मे , अनजानी मन् … more →

Tags: कविताएँ, छनिकाएँ, अकेले, तुम, तुम्हारे पास, दुखि !, मैं, हिंदी कविता, Blessings

मैं अब जीने लगी हूँ...2 comments

Nidhi KM wrote 5 months ago: कुतर दिए है, पंख अपने, जिनसे उँची उड़ान भारी थी, नील गगन मे, स्वच्छन्द उड़ चली थी, तोड़ दिए है, सब स … more →

Tags: कविताएँ, कुछ पंक्तियाँ, दिल से दिल की बात..., जीने, पंख, मैं, सपने, हिंदी कविता, Blessings

कुछ पंक्तियाँ

Nidhi KM wrote 4 months ago: चलते थे जिस ज़मीं पर, संभल संभल कर हम, सरकी वही ज़मी  नये कदम उठाने के पहले, आसमान से तो पानी बरसता … more →

Tags: कविताएँ, कुछ पंक्तियाँ, छनिकाएँ, Social, आग, आसमान, कदम, ग्रहण, ज़मीं

तुम कोई नाम न देना3 comments

Nidhi KM wrote 5 months ago: जिसको जो कहना हो, उसको वो कहने देना, मेरी प्रीत को, प्रीत “निधि” की रहने देना, तुम कोई न … more →

Tags: कविताएँ, कुछ पंक्तियाँ, दिल से दिल की बात..., Social, तुम, नाम, निधि, प्रीत, हिंदी कविता

( तूफ़ानों से लड़ने वाले )2 comments

Nidhi KM wrote 5 months ago: तूफ़ानों से लड़ने वाले, हवा के झोको से नही डरते… इन्सान को तलाशने वाले, परछाईयों के पीछे, भगा … more →

Tags: कविताएँ, कुछ पंक्तियाँ, Social, हवा के झोको से नही डर, nidhi, तूफ़ान, लड़ने, परछाई, हवा

वो मेरा दिल नही होगा2 comments

Nidhi KM wrote 5 months ago: बारीशों मे भीगे जो, बादल से बरसे जो, कारण से धड़के जो, यादों मे रोए जो, वो मेरा दिल नही होगा… … more →

Tags: कविताएँ, दिल से दिल की बात..., Social, nidhi, दिल, बारिश, याद, बादल, Love

संघर्षों का जीवन ये उस दिन पूरा हो जाएगा 1 comment

Nidhi KM wrote 5 months ago: नन्ही, कोमल सी, पंख पसारे, उड़ती थी  स्वछ्न्द गगन मे, हवाए ठंडी लगती थी, नील गगन दिखता था, ना कोई डर … more →

Tags: कविताएँ, जीना, जीवन, संघर्षों, हिंदी कविता, nidhi, Pain, Poem

छोटे-छोटे सपने कब बड़े हो गये?2 comments

Nidhi KM wrote 5 months ago: छोटे छोटे सपने थे, पास मेरे सब अपने थे, न थी चाह, आसमान मे उड़ाने की, धरती ही मेरी अपनी थी, बड़ा सोच … more →

Tags: कविताएँ, कुछ पंक्तियाँ, अधूरे, आसमान, उड़ाने, दिल, धरती, राह, सपने

तेरी ज़िंदगीं में कभी1 comment

Nidhi KM wrote 5 months ago: तेरी ज़िंदगीं में कभी, धूप की तपन  न हो, हो ज़रा भी आशंका, मेरा आंचल, तेरे सर पर हो, तेरी राहों मे क … more →

Tags: कविताएँ, दिल से दिल की बात..., आशीर्वदों का, कामना, कारवाँ तेरे संग चलते, खुशि, दुआ, हिंदी कविता, Blessings

- कहा करते थे -3 comments

Nidhi KM wrote 5 months ago: 1) “वो”, मुझसे, बेइंतहाँ प्यार करता था, ऐसा वो और लोग मुझसे कहा करते थे, मेरे कारण उसके … more →

Tags: कविताएँ, कुछ पंक्तियाँ, अपनाया, ठुकराया, पगली, पागल, प्यार, बेवफ़ाई, हिंदी कविता


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