मुझको उनसे प्यार बहुत है, शहर मे ये तकरार बहुत है, आंखे जैसे फूल कवल का, चेहरा उनका रूप ग़ज़ल का, जुल्फों की मेह्कार बहुत है, मुझको उनसे प्यार बहुत है, चाँद भी देखे तो शरमाये, तारों को भी नींद न आये, एक… more →
कुछ पल जगजीत सिंह के नामAmarjeet Singh wrote 1 year ago: मुझको उनसे प्यार बहुत है, शहर मे ये तकरार बहुत है, आंखे जैसे फूल कवल का, चेहरा उनका रूप ग़ज़ल का, जुल् … more →
Amarjeet Singh wrote 2 years ago: दर्द-ऐ-दिल हो एक ग़ज़ल हो, दर्द-ऐ-दिल हो एक ग़ज़ल हो, दर्द-ऐ-दिल हो एक ग़ज़ल हो, हाथ न आए, हाथ न आए, हाथ न … more →
Amarjeet Singh wrote 2 years ago: आ तुझे दोस्त जान-ऐ-दिल कह दे, आ तेरे नाम एक ग़ज़ल कह दे, सोचता हूँ के तेरी आंखो को, झील कह दे या फिर क … more →