जो गम देके तुमने सिखाया हमें । जिन्दगी में बहुत काम आया हमें । जब लगी ठोकर , गिर के बैठ गये , तब लगा पास तुमने बिठाया हमें । गुजर जाते बरसो मगर ना समझते , चन्द लम्हों में तुमने समझाया हमें । हे व… more →
लम्हें जिन्दगी केmehhekk wrote 1 year ago: नीले नभ की छुपी नीलाई शामल घटाए उस पर छाई बदरा उमड़ घूमड़ कर आई अपनी संगिनी को रहे पुकार इठलाती,बलखा … more →
mehhekk wrote 1 year ago: तन चंचला मन निर्मला व्यवहार कुशला भाषा कोमला सदैव समर्पिता | नदिया सा चलना सागर से मिलना खुद … more →
mehhekk wrote 1 year ago: हाथों में उठाए काग़ज़ और क़लम लिख देते है दिल के जज़्बातों को खुद के ही अल्फ़ाज़ कभी पक्के ,कभ … more →
mehhekk wrote 1 year ago: आई है बसंत बहार सर्द हवाए सुस्ताने लगी कोहरा भी धुआँ धुआँ कनक सी कीरने जाल बुनती कोयल गात नीत राग … more →
mehhekk wrote 1 year ago: श्रेष्ठदान मनुष्य का जो जीवन मिला है समझो इस जनम भाग्य खिला है एक पाप के लिए जब कोई सात जनम जले एक म … more →
mehhekk wrote 1 year ago: ग़ज़लो की दीवानी आज कल पग पग निशानी मैं बस ग़ज़ल सोचती जाउ किसी पल तुम देखो मुझको मैं बस ग … more →
mehhekk wrote 1 year ago: हम तुम अलग अलग दो तन एक मन बाहों में ये कंपन हमारी तुम्हारी बढ़ती धड़कन हम फूल तुम खुशबू … more →
hemjyotsana "Deep" wrote 1 year ago: जो गम देके तुमने सिखाया हमें । जिन्दगी में बहुत काम आया हमें । जब लगी ठोकर , गिर के बैठ गये , तब ल … more →
hemjyotsana "Deep" wrote 1 year ago: सफ़र के बाद अफ़साने ज़रूरी हैं | ना भूल पाए वो दीवाने ज़रूरी हैं | जिन आँखों में हँसी का धोखा हो … more →
hemjyotsana "Deep" wrote 1 year ago: एक गीत तुम ख़्यालो में हमको बुलाया करो , हम हक़ीकत में एक दिन चले आएगे, यूँ तुम बिन तो ख़ामोश आव … more →
hemjyotsana "Deep" wrote 1 year ago: सुनाता रहा हूँ तुझे दिल की बातें , तेरी आरज़ू में जिए जा रहा हूँ | हूँ मदहोश या मैं दीवाना हूँ तेरा … more →
hemjyotsana "Deep" wrote 1 year ago: तुझ से मिलने की ख़्वाहिश मेरी कभी कम नहीं होती मेरे हाथों की लकीरों से , मेरी लड़ाई ख़त्म नही होती … more →
hemjyotsana "Deep" wrote 1 year ago: देखिए आप हमें यूँ ना सताया कीजे जब भी दें , आवाज़ चले आया कीजे कितना आसान है भीड़ में ख़ुद … more →
hemjyotsana "Deep" wrote 1 year ago: साथ रह कर रिश्ता सा बन जाता हैं , यूँ बेवजह किताबों की रिदा बदला न … more →
hemjyotsana "Deep" wrote 1 year ago: क्यूँ ज़ुबान छीनी मेरी , क्यूँ मुझे बेज़ुबान किया । मैंने कब तेरी बेवफ़ाई का चर्चा खुलेआम किया । ये मा … more →
hemjyotsana "Deep" wrote 1 year ago: आओ मिलाउ मुझको तुम से , भीड़ में ना खो जाउ मैं । धूल उड़े और धूल में मिलकर , धूमिल ना हो जाउ मैं ।। … more →
hemjyotsana "Deep" wrote 2 years ago: सायो के चेहरे कब आईने में दिखाई देते है । तन्हाई में , बस यादों के नगमें सुनाई देते है । नये रगों की … more →