त्रिवेणी 1.लफ़्ज़ों का सज़ा कर नगमा हाल-ए-दिल सुनाया उनके लबों की मुस्कान देख समझे हमने उन्हे मनाया वाह वाह कह वो निकल गये हमे ग़लत फ़हमी हुई बताया 2.जाम हाथों में लिए वो पीते रहे रात भर उनके साथ साथ… more →
mehekmehhekk wrote 1 year ago: त्रिवेणी 1.लफ़्ज़ों का सज़ा कर नगमा हाल-ए-दिल सुनाया उनके लबों की मुस्कान देख समझे हमने उन्हे मनाया … more →
mehhekk wrote 1 year ago: काटो से भरी राहे चुनकर जो चलते है अक्सर फूलों के बिस्तर उन्हे रास नही आया करते | इश्क़ की मुश्किल … more →
mehhekk wrote 1 year ago: कल कोई और होगा जिस मा ने तुम्हे जनम दिया है उसको तुमने क्या सिला दिया है तेरी होठो पर जो मुस्कान सज … more →
mehhekk wrote 1 year ago: तेरी नज़्म की खनक पायल सी खनकती है मेरे दिल के आंगन में सारी नज़्म जो तूने सवारी है | गूंजन से गर कु … more →
mehhekk wrote 1 year ago: सुनती आई हूँ आप सब के गीत मैं आज तक सन्जो के रखा है मैने हर एक शब्द आप सब के गीतो की मिठास घुली हुई … more →