त्रिवेणी 1.लफ़्ज़ों का सज़ा कर नगमा हाल-ए-दिल सुनाया उनके लबों की मुस्कान … more →
mehekmehhekk wrote 6 months ago: त्रिवेणी 1.लफ़्ज़ों का सज़ा कर नगमा ह … more →
mehhekk wrote 9 months ago: काटो से भरी राहे चुनकर जो चलते है अक् … more →
mehhekk wrote 9 months ago: कल कोई और होगा जिस मा ने तुम्हे जनम … more →
mehhekk wrote 9 months ago: तेरी नज़्म की खनक पायल सी खनकती है मेर … more →
mehhekk wrote 10 months ago: सुनती आई हूँ आप सब के गीत मैं आज तक सन्ज … more →