बचपन के वो दिन थे कितने सुहाने कुछ भी कीमत दूं वापस कभी ना आने कितनी अजब गजब थी वो छोटी सी दुनिया हक़ीक़त में जहा उड़कर आती परीयाँ देवगन सारे अच्छे ,बुरे थे सारे दानव बर्फ की होती राजकुमारी,साथ बूटे म… more →
mehekAmi Jha wrote 1 year ago: “Ek Onkar Satnam Karta Purush Nirbhau Virvair Akal Murat, Ajuni Saibhang Guruparsad” … more →
mehhekk wrote 1 year ago: बचपन के वो दिन थे कितने सुहाने कुछ भी कीमत दूं वापस कभी ना आने कितनी अजब गजब थी वो छोटी सी दुनिया हक … more →