….. पहले से बेहतर और तीव्र !!! अरे पूछो तो सही क्या आ रहा है!! चलो बताए देते हैं। हम बात कर रहे हैं नारद की। नारद जी नाराज़ होकर बैकुन्ठ धाम चले गए थे नारायण नारायण भजते हुए, किन्हीं अज्ञात और गो… more →
दुनिया मेरी नज़र से - world from my eyes!!Amit wrote 1 year ago: ….. पहले से बेहतर और तीव्र !!! अरे पूछो तो सही क्या आ रहा है!! चलो बताए देते हैं। हम बात कर रह … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: बिपति भए धन न रहे, रहे जो लाख करोड़ नभ तारे छिपि जात है, ज्यों रहीम भए भोर कवि रहीम कहते हैं, जैसे … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: अगर एक अखबार की खबर पर यकीन करें तो आगे चलकर प्रकृति को निहारने के लिए भी पैसे देने पड़ेंगे. … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: जौन चाल संसार के जौ साधू को नाहिं डिंभ चाल करनी करे, साधू कहो मत ताहिं संत शिरोमणि कबीरदास जीं कहते … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: ‘कबीर’ मन फूल्या फिरै,करता हूँ मैं प्रेम कोटि क्रम सिरि ते चल्या, चेत न देखै भ्रम संत … more →