एक नगर में एक धनवान सेठ रहता था। अपने व्यापार के सिलसिले में उसका बाहर आना-जाना लगा रहता था। एक बार वह परदेस से लौट रहा था। साथ में धन था, इसलिए तीन-चार पहरेदार भी साथ ले लिए। लेकिन जब वह अपने नगर के … more →
यह भी खूब रहीpryas wrote 1 week ago: एक नगर में एक धनवान सेठ रहता था। अपने व्यापार के सिलसिले में उसका बाहर आना-जाना लगा रहता था। एक बार … more →
pryas wrote 1 month ago: तीनों लोकों में राधा की स्तुति से देवर्षि नारद खीझ गए थे। उनकी शिकायत थी कि वह तो कृष्ण से अथाह प्रे … more →
pryas wrote 2 months ago: बात उन दिनों की है जब महाराज युधिष्ठिर इंद्रप्रस्थ पर राज्य करते थे। राजा होने के नाते वे काफी दान आ … more →
pryas wrote 2 months ago: एक बार ब्रह्माजी दुविधा में पड़ गए। लोगों की बढ़ती साधना वृत्ति से वह प्रसन्न तो थे पर इससे उन्हें व … more →
pryas wrote 5 months ago: राजा मुर्दे को लेकर योगी के पास आया। योगी राजा को और मुर्दे को देखकर बहुत प्रसन्न हुआ। बोला, “ … more →
pryas wrote 5 months ago: रिश्ता क्या हुआ? किसी नगर में मांडलिक नाम का राजा राज करता था। उसकी पत्नी का नाम चडवती था। वह मालव द … more →
pryas wrote 5 months ago: योगी पहले रोया क्यों फिर हँसा क्यों? कलिंग देश में शोभावती नाम का एक नगर है। उसमें राजा प्रद्युम्न र … more →
pryas wrote 5 months ago: विराग में अंधा कौन? विशाला नाम की नगरी में पदमनाभ नाम का राजा राज करता था। उसी नगर में अर्थदत्त नाम … more →
pryas wrote 5 months ago: पिण्ड किसको देना चाहिए? वक्रोलक नामक नगर में सूर्यप्रभ नाम का राजा राज करता था। उसके कोई सन्तान न थी … more →
pryas wrote 5 months ago: कौन अधिक साहसी? चन्द्रशेखर नगर में रत्नदत्त नाम का एक सेठ रहता था। उसके एक लड़की थी। उसका नाम था उन् … more →
pryas wrote 10 months ago: शनिवार (10.01.2009) को सुभाष जी को फोन किया कि फ़ोटोफेयर चलना है तो फटाफट आ जाओ. उन्होंने कहा, … more →
pryas wrote 1 year ago: एक संत ने एक रात स्वप्न देखा कि उनके पास एक देवदूत आया है। देवदूत के हाथ में एक सूची है। उसने कहा, … more →
pryas wrote 1 year ago: प्रवचन करते हुए महात्मा जी कह रहे थे कि आज का प्राणी मोह-माया के जाल में इस प्रकार जकड़ गया है कि उस … more →
pryas wrote 1 year ago: एक बार महात्मा गांधी को प्रवासियों पर हो रहे अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाने के कारण जोहान्सबर्ग की जेल … more →
pryas wrote 1 year ago: महर्षि कणाद परम विरक्त तथा स्वाभिमानी थे। वह फसल की कटाई के बाद खेतों से अन्न के दाने चुनते और उन्हे … more →
pryas wrote 1 year ago: हाँ, हाँ सुने हैं… …सुने हैं तेरे बडप्पन के चर्चे, बनता है तू मर्यादा पुरूषोत्तम, और ये … more →
pryas wrote 1 year ago: चौदह अगस्त की शाम मेरे लिये एक ना भूलने वाली शाम थी. और मेरे लिये ही क्या ब्लकि उन सभी लोगों के लिये … more →
pryas wrote 1 year ago: बहुत पुरानी बात है। एक राजा था। उसके पास एक दिन एक संत आए। उन्होंने कई विषयों पर चर्चा की। राजा और स … more →
pryas wrote 1 year ago: साबरमती आश्रम के लिए जगह की तलाश में गांधीजी एक दिन वर्धा से पांच किलोमीटर ऊंची पहाड़ी पर गए। वहां ए … more →