कोई हमसायादार पेड़ नहीं मिला ज़हर मिले तो ज़हर भी खा लूँ यह शाम की धूप बहुत कड़ी… more →
विनय wrote 7 months ago: कोई हमसायादार पेड़ नहीं मिला ज़हर मिले … more →
Tags: मेरी त्रिवेणी, ज़िन्दगी, धूप, इश्क़, Love, प्यार, मोहब्बत, शाम, Life
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