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Blogs about: Nidhi

एक बचपन उसने जिया (बाल दिवस विशेष)2 comments

Nidhi KM wrote 1 week ago: एक कमरा सपनो  भरा, फर्श मखमली, छत सितारों भरीं, दीवारें रंगों सजीं, खिड़कियाँ फूलों रंगीं, सपने कहीं … more →

Tags: कविताएँ, कुछ पंक्तियाँ, छनिकाएँ, 14 November, आकाश, एक, खिड़कि, छत, छाँव

बहुत कोशिश की5 comments

Nidhi KM wrote 2 weeks ago: कदमों से कदमों को, मिलाने की बहुत कोशिश की, कभी मैं आगे बढ़ गयी, कभी तुम पीछे रह गये, बातों को बातों … more →

Tags: कविताएँ, दिल से दिल की बात..., कदम, कभी, कोशिश, तुम, निधि, मन, मैं

नवयुवती 1 comment

Nidhi KM wrote 3 weeks ago: सड़क के गढ्ढों मे, डोलता हुआ, आटो चला जा रहा था, एक स्टॉप मे, नवयुवती के चढ़ते ही, सारी नज़रे उस पर … more →

Tags: कविताएँ, कुछ पंक्तियाँ, छनिकाएँ, Social, अपमान, जवान, नज़र, नवयुवती, बेटी

सूरज की पहली किरण 1 comment

Nidhi KM wrote 1 month ago: भरी धूप मे, आज ऑफीस जाते समय ही उसने सोच लिया था, शाम को घर वापस जाते समय, आज मंदिर जाऊंगी… मं … more →

Tags: कहानियाँ, कहानी, लघु कथा, सामाजिक, बच्चा, सूरज, NidhiKM, Short Story, Story

अब1 comment

Nidhi KM wrote 2 months ago: 1) पहले :- बिन दस्तक, बिन आहट के, तुम मेरे दिल तक आए, कुछ यूँ समाए की, दूजी, सारी दस्तकें, सारी आहटे … more →

Tags: कविताएँ, दिल से दिल की बात..., आवाज़, आहत, तुम, तुम्हारी, दरवाज़े, दस्तक, दिल

चाहे जले हमारा जहाँ 2 comments

Nidhi KM wrote 4 months ago: चाहे जले हमारा जहाँ, रौशन रहे उनका जहाँ, जहाँ रहे चाहत हमारी… न आए उन पर, कोई भी आँच, जहां की … more →

Tags: कविताएँ, कुछ पंक्तियाँ, छनिकाएँ, दिल से दिल की बात..., किस्मत, खुशि, तुम्हे, दुआ, रौशन

~ मैं नदी थी ~3 comments

Nidhi KM wrote 4 months ago: मैं नदी थी प्यासी सी तुम सागर से मिलने चली थी मिलकर सागर मे ये जाना मैं ही अकेली, प्यासी नही थी सागर … more →

Tags: कविताएँ, दिल से दिल की बात..., तुम, नदी, प्यासे, मैं, सागर, हिंदी कविता, Blessings

सुख मे ना सही , दुख मे मुझे हमेशा अपने पास पाओगे... 2 comments

Nidhi KM wrote 4 months ago: तपती धूप मे , दुख के तूफ़ानों मे ग़म की परछाईयों मे , अंधेरी रातों मे भटकी हुई राहों मे , अनजानी मन् … more →

Tags: कविताएँ, छनिकाएँ, nablopomo09, मैं, तुम्हारे पास, तुम, अकेले, दुखि !, Love

तुम 6 comments

Nidhi KM wrote 1 month ago: तुम बहुत मीठा बोलते हो, हर शब्द को, चाशनी मे घोलते हो, मिशरी की तरह, रस घोलते हो, न कड़वा बोलते हो, … more →

Tags: कविताएँ, कुछ पंक्तियाँ, दिल से दिल की बात..., कड़वा, तीर, तुम, मीठा, शब्द, सच

मैं अपने मन की राह चुनूंगीं3 comments

Nidhi KM wrote 3 months ago: मैने कयी बार, कभी अपनों के, कभी तुम्हारे कहने पर, नयी सुबह का इंतज़ार किया, नयी माला मे फूल गुथे, नय … more →

Tags: कविताएँ, कुछ पंक्तियाँ, इंतज़ार, कभी, काली रात, खुशबू, घर, जीवन, तुम्हारे

कुछ पंक्तियाँ

Nidhi KM wrote 3 months ago: चलते थे जिस ज़मीं पर, संभल संभल कर हम, सरकी वही ज़मी  नये कदम उठाने के पहले, आसमान से तो पानी बरसता … more →

Tags: कविताएँ, कुछ पंक्तियाँ, छनिकाएँ, Social, आग, आसमान, कदम, ग्रहण, ज़मीं

तुम कोई नाम न देना3 comments

Nidhi KM wrote 4 months ago: जिसको जो कहना हो, उसको वो कहने देना, मेरी प्रीत को, प्रीत “निधि” की रहने देना, तुम कोई न … more →

Tags: कविताएँ, कुछ पंक्तियाँ, दिल से दिल की बात..., Social, तुम, नाम, निधि, प्रीत, हिंदी कविता

( तूफ़ानों से लड़ने वाले )2 comments

Nidhi KM wrote 4 months ago: तूफ़ानों से लड़ने वाले, हवा के झोको से नही डरते… इन्सान को तलाशने वाले, परछाईयों के पीछे, भगा … more →

Tags: कविताएँ, कुछ पंक्तियाँ, Social, झोको, तूफ़ान, परछाई, पहचान, यादें, लड़ने

वो मेरा दिल नही होगा2 comments

Nidhi KM wrote 4 months ago: बारीशों मे भीगे जो, बादल से बरसे जो, कारण से धड़के जो, यादों मे रोए जो, वो मेरा दिल नही होगा… … more →

Tags: कविताएँ, दिल से दिल की बात..., Social, दिल, बादल, बारिश, याद, हिंदी कविता, Blessings

संघर्षों का जीवन ये उस दिन पूरा हो जाएगा 1 comment

Nidhi KM wrote 4 months ago: नन्ही, कोमल सी, पंख पसारे, उड़ती थी  स्वछ्न्द गगन मे, हवाए ठंडी लगती थी, नील गगन दिखता था, ना कोई डर … more →

Tags: कविताएँ, जीना, जीवन, संघर्षों, हिंदी कविता, nablopomo09, Pain, Poem

छोटे-छोटे सपने कब बड़े हो गये?2 comments

Nidhi KM wrote 4 months ago: छोटे छोटे सपने थे, पास मेरे सब अपने थे, न थी चाह, आसमान मे उड़ाने की, धरती ही मेरी अपनी थी, बड़ा सोच … more →

Tags: कविताएँ, कुछ पंक्तियाँ, अधूरे, आसमान, उड़ाने, दिल, धरती, राह, सपने

तेरी ज़िंदगीं में कभी1 comment

Nidhi KM wrote 4 months ago: तेरी ज़िंदगीं में कभी, धूप की तपन  न हो, हो ज़रा भी आशंका, मेरा आंचल, तेरे सर पर हो, तेरी राहों मे क … more →

Tags: कविताएँ, दिल से दिल की बात..., आशीर्वदों का, कामना, कारवाँ तेरे संग चलते, खुशि, दुआ, हिंदी कविता, Blessings


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