Lost your password?

Blogs about: Nidhikm

Featured Blog

नवयुवती 1 comment

Nidhi KM wrote 10 hours ago: सड़क के गढ्ढों मे, डोलता हुआ, आटो चला जा रहा था, एक स्टॉप मे, नवयुवती के चढ़ते ही, सारी नज़रे उस पर … more →

Tags: Social, कविताएँ, छनिकाएँ, कुछ पंक्तियाँ, nidhi, I, शब्द, Love, Blessings

सूरज की पहली किरण 1 comment

Nidhi KM wrote 1 month ago: भरी धूप मे, आज ऑफीस जाते समय ही उसने सोच लिया था, शाम को घर वापस जाते समय, आज मंदिर जाऊंगी… मं … more →

Tags: सामाजिक, कहानियाँ, कहानी, लघु कथा, nidhi, सूरज, Short Story, Story, बच्चा

-एक दिए की रौशनी तले- (दीपावली त्यौहार)5 comments

Nidhi KM wrote 1 month ago: दीपावली की रात… एक घर मे… छोटी-छोटी बेटियाँ, माँ का हाथ बटा रही है, घर मे रंग-रोगन कर, प … more →

Tags: कविताएँ, छनिकाएँ, कुछ पंक्तियाँ, nidhi, Love, Blessings, Prayers, Wishes, Pain

अब1 comment

Nidhi KM wrote 3 months ago: 1) पहले :- बिन दस्तक, बिन आहट के, तुम मेरे दिल तक आए, कुछ यूँ समाए की, दूजी, सारी दस्तकें, सारी आहटे … more →

Tags: कविताएँ, दिल से दिल की बात..., आवाज़, आहत, तुम, तुम्हारी, दरवाज़े, दस्तक, दिल

तुम मेरी ज़िंदगी मे3 comments

Nidhi KM wrote 2 days ago: मुझे नही पता, कब-कैसे तुम, मेरी ज़िंदगी मे आए, पता है तो, बस इतना, तुम्हारे आने से, हर मौसम को जिया … more →

Tags: कविताएँ, दिल से दिल की बात..., कुछ पंक्तियाँ, nidhi, तुम, I, निधि, बारिश, प्यास

एक बचपन उसने जिया (बाल दिवस विशेष)2 comments

Nidhi KM wrote 2 weeks ago: एक कमरा सपनो  भरा, फर्श मखमली, छत सितारों भरीं, दीवारें रंगों सजीं, खिड़कियाँ फूलों रंगीं, सपने कहीं … more →

Tags: कविताएँ, कुछ पंक्तियाँ, छनिकाएँ, 14 November, आकाश, एक, खिड़कि, छत, छाँव

बहुत कोशिश की5 comments

Nidhi KM wrote 3 weeks ago: कदमों से कदमों को, मिलाने की बहुत कोशिश की, कभी मैं आगे बढ़ गयी, कभी तुम पीछे रह गये, बातों को बातों … more →

Tags: कविताएँ, दिल से दिल की बात..., nidhi, मैं, तुम, I, निधि, कदम, मन

तुम 7 comments

Nidhi KM wrote 2 months ago: तुम बहुत मीठा बोलते हो, हर शब्द को, चाशनी मे घोलते हो, मिशरी की तरह, रस घोलते हो, न कड़वा बोलते हो, … more →

Tags: कविताएँ, कुछ पंक्तियाँ, दिल से दिल की बात..., कड़वा, तीर, तुम, मीठा, शब्द, सच

मैं अपने मन की राह चुनूंगीं3 comments

Nidhi KM wrote 3 months ago: मैने कयी बार, कभी अपनों के, कभी तुम्हारे कहने पर, नयी सुबह का इंतज़ार किया, नयी माला मे फूल गुथे, नय … more →

Tags: कविताएँ, कुछ पंक्तियाँ, nidhi, मैं, I, जीवन, राह, रंग, मन


Have your say. Start a blog.

See our free features →

Related Tags
All →

Follow this tag via RSS