कुछ दिल से १. वैसे तो आपकी हर अदा से वाकिफ़ है दिलदारा डरते है जब इश्क़ में इम्तेहान देने की बात हो | २. जब तक न तुमसे बातें हो दिल-ए-ग़ुरबत सुकून नही पाता बार- २ दोहराओ वादा-ए-इश्क़,तब त… more →
mehekmehhekk wrote 1 year ago: कुछ दिल से १. वैसे तो आपकी हर अदा से वाकिफ़ है दिलदारा डरते है जब इश्क़ में इम्तेहान देने की … more →
mehhekk wrote 1 year ago: ख्वाब अँखियों की पलकों में समाए ये रहते मन में छिपी बातों को हमसे ये कहते कुछ स्याह कुछ इंद्रधनु स … more →
mehhekk wrote 1 year ago: अब तक तुम गहरी नींद सोए हुए हो किन सच्चे झूठे सपनो में खोए हुए हो वो कौनसी यादे है जो पीछा नही छोड़त … more →