ख़ामोश निगाह तेरी क्या बातें करती है आँखों में रहती है व नींदों में बहती है दिल की बात करें क्या एक सपने का बंजारा है भटक रहा है सदियों से तेरे प्यार का मारा है ख़ामोश निगाह तेरी क्या बातें करती है… more →
तख़लीक़-ए-नज़रविनय wrote 1 year ago: ख़ामोश निगाह तेरी क्या बातें करती है आँखों में रहती है व नींदों में बहती है दिल की बात करें क्या एक … more →