मुस्कुराहट के गुलाब मुस्कुराहटसे सजे जो लब , नूर-ए-शबाब खिले है एक मुस्कुराहट में हमारी , हज़ारो गुलाब मिले है | हमारी मुस्कुराहटसे सबको , नशे चढ जाते है कोई होश में आने से पहले, हम फिर मुस्करा लेते ह… more →
mehekRakesh wrote 1 month ago: Zarre Zarre Mein Usi Ka Noor Hai Jhank Khud Mein Woh Na Tujhse Door Hai Ishq Hai Usse To Sab Se Ishq … more →
mehhekk wrote 1 year ago: मुस्कुराहट के गुलाब मुस्कुराहटसे सजे जो लब , नूर-ए-शबाब खिले है एक मुस्कुराहट में हमारी , हज़ारो गुल … more →