[ ‘भवानी प्रसाद मिश्र के आयाम’ , संपादक लक्ष्मण केड़िया,विशेषांक ‘समकालीन सृजन’ , २० बलमुकुंद मक्कर रोड, कोलकाता - ७००००७ से साभार ] तुम काग़ज़ पर लिखते हो वह सड़क झाड़ता है तुम व्यापारी वह धरती में बीज गा… more →
यही है वह जगहअफ़लातून wrote 1 year ago: आज सुबह से नल था मौन , पता नहीं कारण था कौन ? मैंने पूछा तनिक पास से , भैय्या दिखते क्यों उदास से ? … more →
अफ़लातून wrote 1 year ago: [ ‘भवानी प्रसाद मिश्र के आयाम’ , संपादक लक्ष्मण केड़िया,विशेषांक ‘समकालीन सृजन’ , २० बलमुकुंद मक्कर र … more →